NEET-UG 2026 Paper Leak के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) पिछले एक महीने से ज्यादा समय से लगातार जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन कर रही है। CJP Protest को छात्रों और समाज के अलग-अलग वर्गों का समर्थन भी मिल रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा उनकी मुख्य मांग है। यह भी रोचक है कि आज से करीब 29 साल पहले स्वयं धर्मेंद्र प्रधान भी इसी तरह पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के नेता थे। साल 1997 में ओडिशा में हुए एक परीक्षा पेपर लीक के विरोध में छात्र आंदोलन कर रहे थे। उस समय धर्मेंद्र प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय सचिव के रूप में एक सक्रिय छात्र नेता थे। आज जब उन्हीं धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए छात्र सड़कों पर हैं तो उनके लिए दुनिया 360 डिग्री घूम चुकी है।
1997 का वह छात्र आंदोलन और धर्मेंद्र प्रधान
साल 2021 में प्रकाशित द इंडियन एक्सप्रेस प्रोफाइल की रिपोर्टों के मुताबिक, 1997 में ओडिशा की एक राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा के कथित पेपर लीक को लेकर छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय भी प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों की पहचान और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उस आंदोलन से धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीरें CJP प्रोटेक्ट के बीच अचानक सामने आने लगी हैं।
1997 में धर्मेंद्र प्रधान ने कहां किया था प्रदर्शन?
रिपोर्टों के मुताबिक, 1997 में हुए उस आंदोलन का प्रमुख प्रदर्शन ओडिशा (तब उड़ीसा) की राजधानी भुवनेश्वर स्थित सचिवालय के बाहर हुआ था। उस समय पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन में लगभग 1500 छात्रों ने भाग लिया था। 20 जुलाई 2026 को CJP के संसद मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज की ही तरह 1997 में भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया था।
बताया जाता है कि 1997 में पुलिस की उस कार्रवाई में धर्मेंद्र प्रधान भी घायल हुए थे और उन्हें फ्रैक्चर आया था। उसी आंदोलन के दौरान ली गईं धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीरें अब NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ CJP प्रोटेस्ट के बीच फिर से वायरल हो रही हैं।
NEET पेपर लीक से कैसे जुड़ रही प्रधान की तस्वीरें?
NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद मुख्य तौर पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। 20 जुलाई 2026 की घटनाओं के अब देश के कई अन्य हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। बता दें NEET पेपर लीक मामला सामने आने के बाद तुरंत परीक्षा रद्द करने के बाद दोबारा एग्जाम लिया गया। इस मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की, कई आरोपियों की गिरफ्तारियां भी हुईं।
दिल्ली में जंतर-मंतर पर CJP प्रोटेस्ट की तस्वीर
छात्र संगठनों के साथ ही विपक्षी दलों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सभी की तरफ से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की जा रही है। लंबे समय पर देश में हो रहे बड़े छात्र आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान की 1997 की तस्वीरें चर्चा में आ गईं।
क्यों वायरल हो रही हैं पुरानी तस्वीरें?
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही धर्मेंद्र प्रधान की पुरानी तस्वीरों से यह मैसेज दिया जा रहा है कि शिक्षा मंत्री कभी स्वयं पेपर लीक के खिलाफ छात्र आंदोलन का हिस्सा रहे थे। अब जब NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, तो लोग प्रधान की उन पुरानी तस्वीरों का जिक्र करते हुए उस दौर और मौजूदा हालात की तुलना कर रहे हैं।
अलग कालखंड और परिस्थितियां, लेकिन एक जैसी घटनाएं
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान की 1997 के जिस आंदोलन की तस्वीरें वायरल की जा रही हैं, वह ओडिशा की एक राज्य स्तरीय परीक्षा के पेपर लीक से जुड़ा था। जबकि आज जब प्रधान स्वयं केंद्रीय शिक्षा मंत्री हैं तो NEET-UG 2026 पेपर लीक का मामला राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़ा है। दोनों घटनाएं अलग-अलग कालखंड, परिस्थितियों और अलग प्रशासनिक ढांचे में हुई हैं।
