Chandigarh Mayor Election 2024: चंड़ीगढ़ नगर निकाय चुनाव में मंगलवार को भारी उलटफेर देखा गया। संख्याबल कम होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव को जीत लिया। इसी के साथ मेयर पद पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहा। पार्टी के उम्मीदवार मनोज सोनकर ने कांग्रेस और आप के साझा उम्मीदवार कुलदीप टीटा को 4 वोटों के अंतर से हरा दिया। चुनाव में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही, जब कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के आठ वोट को पीठासीन अधिकारी ने अमान्य करार दे दिया।
बता दें, 18 जनवरी को नगर निगम के मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पद के चुनाव होने थे। हालांकि, ऐन वक्त पर चुनाव को स्थगित कर दिया गया था। इसके पीछे पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह की तबीयत खराब होने का हवाला दिया गया था। इसके बाद आप और कांग्रेस ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए थे। दरअसल, चंडीगढ़ मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस(App Congress in Chandigarh Mayor Election) ने मिलकर साझा उम्मीदवार उतारे थे। मेयर पद के लिए आप ने प्रत्याशी उतारा था तो अन्य दो पद सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के लिए कांग्रेस ने प्रत्याशी उतारा था। आइए जानते हैं कि संख्या बल कम होने के बावजूद भारतीय जनता पार्टी ने यह चुनाव कैसे जीता?
पहले जानिए चंडीगढ़ नगर निगम का चुनावी 2024 (Chandigarh Mayor Election 2024) समीकरण
चंडीगढ़ नगर निगम में कुल 35 पार्षद हैं। इसमें भारतीय जनता पार्टी के 14 पार्षद हैं। वहीं आप के 13 तो कांग्रेस के 7 पार्षद हैं। इसके अलावा हरदीप सिंह अकाली दल के एक मात्र पार्षद हैं। चुनाव में चंडीगढ़ सांसद का वोट भी मान्य होता है। इस लिहाज से यहां मतदाताओं की कुल संख्या 36 हो जाती है। किसी भी उम्मीदवार को चुनाव जीतने के लिए बहुमत के आंकड़े (19) वोटों की जरूरत होती है।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव 2024: अब चुनाव में हुई वोटिंग को समझिए
आप और कांग्रेस ने इस चुनाव में गठबंधन किया था। संख्या बल के हिसाब से आम आदमी पार्टी के 13 और कांग्रेस के 7 वोट मिलाकर 20 वोट थे। वहीं भाजपा के पक्ष में खुद के 14 पार्षदों के अलावा सांसद का वोट मिलाकर 15 वोट थे। अकाली दल ने भी चुनाव में वोट डाला। हालांकि, इसका खुलासा नहीं हो सका कि उसका वोट किस तरफ गया। इस तरह चुनाव आंकड़ों को समझें तो कांग्रेस व आप के पक्ष में 20 वोट पड़े, जो बहुमत के आंकड़े 19 से ज्यादा हैं। इसके अलावा भाजपा के पक्ष में 16 वोट (अकाली दल मिलाकर) पड़े।
चंडीगढ़ मेयर चुनाव: कहां बिगड़ा आप और कांग्रेस का गेम
वोटिंग के बाद जब मतों की गिनती हुई तो भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में 16 वोट पड़े थे। वहीं कांग्रेस व आप के साझा उम्मीदवार के पक्ष में 20 वोट पड़े। हालांकि, बाद मे पीठासीन अधिकारी ने आप व कांग्रेस के 8 वोटों को अमान्य घोषित कर दिया। इस वजह से आप व कांग्रेस के साझा उम्मीदवार के पक्ष में 12 वोट ही बचे। जबकि, भाजपा उम्मीदवार मनोज सोनकार के पक्ष में 16 वोट थे। मतों की गिनती के बाद भाजपा उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया गया।
