वेब सीरीज

सरपंच साहब वेब सीरीज: ट्रेंड कर रही है छोटे से गाँव के राजनीति ड्रामा पर बनी ये सीरीज, मजेदार कहानी को मिस करने की न करें गलती

Sarpanch Shahab Web Series: सरपंच साहब के केंद्र में केवल राजनीति नहीं है , बल्कि यह एक गाँव की आत्मा की कहानी है। सोनू सूद और सोनाली सूद ने इसका निर्माण किया है। फिल्म में मजेदार किससे हैं, 7 एपिसोड की ये सीरीज फैंस को काफी पसंद आ रही है।

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Sarpanch Shahab Web Series

Sarpanch Shahab Web Series: ग्रामीण परिवेश से जुड़ी दिलचस्प वेब सीरीज सरपंच साहब वेव्स ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है। ये सीरीज फैंस को काफी पसंद भी आ रही है। सरपंच साहब ने ग्रामीण भारत की सियासत को लेकर जो कहानी बनाई है, वह न सिर्फ दर्शकों को बांधकर रखता है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करता है। सात एपिसोड की यह राजनीतिक ड्रामा सीरीज लगातार एक महीने से प्लेटफॉर्म पर नंबर 1 ट्रेंड कर रही है।

सीरीज का निर्देशन शाहिद खान( Shahid Khan) ने किया है। यह उनका डायरेक्टोरियल डेब्यू है , पहली सीरीज होते हुए भी। हर फ्रेम में अनुभव की गहराई और एक कहानीकार का एक बेहतरीन काम दिखाती है। शाहिद ने सिर्फ निर्देशन नहीं किया है, उन्होंने इसकी कहानी, स्क्रीनप्ले और संवाद भी खुद लिखे हैं। उनकी लेखनी में वो सहजता है जो एक आम गाँववाले की बात को भी असरदार बना देती है, और वो तीखापन भी जो भ्रष्टाचार के ताने-बाने को उधेड़ने में माहिर है।

क्या है सीरीज की कहानी

‘सरपंच साहब’ की कहानी काल्पनिक गाँव रामपुरा की है । लेकिन इसकी झलक हर उस गाँव में मिलती है जहाँ सत्ता, लालच और उम्मीदें टकराती हैं। यहाँ सत्ता के केंद्र में है सरपंच महेंद्र सिंह, जो तीन दशक से कुर्सी पर विराजमान हैं। लेकिन अब इस सियासी किले को चुनौती देने के लिए सामने आता है संजू जो एक युवा ग्रेजुएट, जो बदलाव की उम्मीद से भरा है। इस बीच झुनिया की सरकारी नौकरी की चाह, लठ्ठन की चुटीली बातें, और भूरी की आत्मसम्मान भरी लड़ाई ।ये सब मिलकर रामपुरा को केवल एक गाँव नहीं, बल्कि भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक बना देते हैं।

स्टार कास्ट

विनीत कुमार (महेंद्र सिंह) ने सत्ता और छल की भूमिका को गजब की गंभीरता और गरिमा दी है। अनुज सिंह ढाका (संजू) ने अपने किरदार में मासूमियत और विद्रोह दोनों को खूबसूरती से साधा है। इसी के साथ विजय कुमार पांडे (लठ्ठन), पंकज झा, सुनीता राजवार (भूरी) ने अपने किरदार में कमाल किया है।

सरपंच साहब वह कहानी है जो बताती है कि सिनेमा का असली जादू स्टारडम में नहीं, सच्चाई और संवेदना में है। यह सोनू सूद की दूरदर्शिता, शाहिद खान की कहानी कहने की अद्भुत क्षमता, और पूरे कास्ट-क्रू की मेहनत का नतीजा है।

archana vashisht
अर्चना वशिष्ठ author

अर्चना वशिष्ठ पिछले तीन वर्षों से मीडिया इंडस्ट्री का हिस्सा रही हैं। उन्हें ट्रेंडी और एंगेजिंग स्टाइल में एंटरटेनमेंट खबरें लिखना बेहद पसंद है। वह ... और देखें

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