Dhamaal 4 Review: डायरेक्टर इंदर कुमार की धमाल 4 से दर्शक 4 गुना एंटरटेनमेंट की उम्मीद लगाए बैठे हैं लेकिन ये फिल्म उन्हें 4 गुना ज्यादा टॉर्चर करेगी। इंदर कुमार की धमाल 4 का वीएफएक्स वर्क इतना खराब है कि बच्चे भी इसकी गलतियां पकड़ सकते हैं।
Dhamaal 4 Review: बच्चों वाली बचकानी कॉमेडी
बॉलीवुड की एक और ब्रेनलेस कॉमडी आई है... क्या इसमें दिमाग लगाना है...? नहीं क्योंकि ये सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए बनाई गई है। ठीक है फिर तो मेकर्स ने इसे बहुत दिमाग लगाकर बनाया होगा ताकि हमें बिल्कुल भी दिमाग ना लगाना पड़े। नहीं रे बुड़बक... मेकर्स ने भी इसे बनाने में बिल्कुल दिमाग नहीं लगाया है, इसलिए हमको इसमें दिमाग नहीं लगाना है, बूझे कि नहीं...
जी हां, कुछ-कुछ यही है मामला अजय देवगन, रितेश देशमुख, अरशद वारसी, जावेद जाफरी और संजय मिश्रा स्टारर धमाल 4 का। धमाल 4 से यूं तो हम सभी को 4 गुना धमाल की उम्मीद करनी चाहिए लेकिन डायरेक्टर इंदर कुमार ने इसे जैसा बनाया है उसे देखने के बाद यही कहा जा सकता है धमाल 4 देखने के बाद मलाल होगा।
फिल्म धमाल 4 की कहानी 100 साल पुराने खजाने की है, जिसे शैतान सिंह नाम का आदमी एक टापू पर छुपा गया था। इसका नक्शा सिर्फ पृथ्वी (उपेंद्र लिमये) के पास है, जिसके पीछे एक समुद्री लुटेरा अधूरा (रवि किशन) और गुड्डू (अजय देवगन) हैं। नक्शा तो इनमें से किसी के हाथ नहीं लगता है लेकिन पृथ्वी ने मौत को सामने देखकर गुड्डू को उसे तलाशने का रास्ता बता दिया है। अब गुड्डू खजाने तक पहुंचेगा या नहीं और अधूरा उसकी परेशानियां कैसे बढ़ाएगा और खजाने की तलाश करते-करते गुड्डू की जिंदगी में आदि-मानव और लल्लन-पारो की एंट्री कैसे होगी? ये सब आपको फिल्म के दौरान जानने को मिलेगा। Times Now NavBharat पर ये Entertainment News भी पढ़ें: Dhamaal 4 Box office Day 1: ओपनिंग डे पर मेकर्स की होगी बल्ले-बल्ले, Ajay Devgn की फिल्म कमाएगी इतने करोड़
इंदर कुमार के डायरेक्शन की बात ना ही करें तो बेहतर होगा क्योंकि उन्होंने इसे डायरेक्टर करने में थोड़ा सा भी एफर्ट नहीं लगाया है। उनके पास धमाल फ्रेंचाइजी का फॉर्मूला पहले से ही था, उन्होंने बस इसमें नई सिचुएशन और कुछ किरदार डाले हैं लेकिन ये नहीं सोचा कि ये किरदार और सिचुएशन्स लोगों को हंसाएंगी भी या नहीं। कहीं-कहीं पर कॉमेडी सीन्स इसने फ्लैट हैं कि एडिटर ने लाउड म्यूजिक का सहारा लेकर कॉमेडी क्रिएट करने की कोशिश की है लेकिन फिर भी उन पर हंसी नहीं आती है। कुछ वक्त के बाद तो ऐसा लगता है कि धमाल फ्रेंचाइजी के फॉर्मूले को इतना घिसा जा चुका है कि अब इसमें से कॉमेडी निकलना ही बंद हो गई है। Times Now NavBharat पर ये Entertainment News भी पढ़ें: IKKA Movie Full Review: 'दामिनी' के लेवल को नहीं तोड़ पाई 'इक्का', अक्षय खन्ना ने किया निराश
फिल्म धमाल 4 का डायरेक्शन जितना खराब है, उससे ज्यादा खराब इसका वीएफएक्स वर्क है। फिल्म धमाल 4 का 70% हिस्से को अच्छे वीएफएक्स वर्क की जरूरत थी। स्क्रीन को देखते हुए बार-बार ये अहसास होता है कि मेकर्स ने इसकी महत्वता को समझा क्यों नहीं। कुछ-कुछ सीन्स तो ऐसे हैं कि वीएफएक्स के बारे में ना जानने वाला व्यक्ति भी आसानी से बता सकता है कि कैरेक्टर के पीछे का बैकग्राउंड फिट नहीं बैठ रहा है।
धमाल सीरीज की 3 फिल्में अब तक रिलीज हुई हैं और हर किसी का एक-ना-एक गाना आपको याद ही होगा। यहां तक कि धमाल 3 का पैसा-पैसा गाना तो अब तक बजता है। धमाल 4 के म्यूजिक को मेकर्स ने चटनी, कहर और गुबाली साड़ी गाने से प्रमोट किया है, जो इसके लगते ही नहीं हैं। इन्हें आप नॉर्मली किसी को सुनाएंगे तो वो बता ही नहीं सकता है कि ये धमाल 4 के गाने हैं। इनके अलावा मूवी का टाइटल ट्रैक इतना खराब है कि थिएटर से निकलने के बाद आपको इसकी धुन तक याद नहीं रहती है।
अगर फिल्म धमाल 4 की सबसे बेहतरीन चीज की बात करें तो वो इसके एक्टर्स हैं। अजय देवगन और संजय मिश्रा की बॉन्डिंग कमाल की है, जो स्क्रीन पर भी दिखती है। रितेश देशमुख-अंजलि आनंद की जोड़ी भी एक-दूसरे को खूब कॉम्प्लीमेंट करती है। ये जोड़ी ही इस फिल्म की हाइलाइट है, जो रितेश की लाउड एक्टिंग के बाद भी एंटरटेन करती है। बात करें आदि-मानव की तो हमेशा की तरह ये खूब गुदगुदाते हैं लेकिन धमाल 4 में इनके पास ऐसा कोई सीन नहीं है, जो मूवी के बाद भी याद रहे।
अगर आप इस वीकेंड धमाल 4 देखने का प्लान बना रहे हैं तो रुक जाइए क्योंकि ये आपको एंटरटेन करने की जगह टॉर्चर ज्यादा करेगी। इसके बेहतर यही होगा कि आप घर पर धमाल फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्में देख लें। हां, अगर आपको अपने बच्चों को आउटिंग करानी है और उनके मुताबिक एक कॉमेडी मूवी तलाश रहे हैं तो धमाल 4 का टिकिट खरीद सकते हैं। हम अपनी ओर से फिल्म धमाल 4 को 1.5 स्टार देते हैं।