Lakshya on Shah Rukh Khan: बॉलीवुड के सुपरस्टार शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की डायरेक्टोरियल डेब्यू सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड (The Ba***ds of Bollywood) ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया है। इस सीरीज को लोगों का खूब प्यार मिल रहा है। इस सीरीज से जुड़े एक के बाद एक स्टार्स का इंटरव्यू सामने आ रहे हैं, जिसमें वो आर्यन खान और शाहरुख खान की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। इसी बीच सीरीज के लीड एक्टर लक्ष्य (Lakshya) ने अभी हाल ही में दिए इंटरव्यू में बताया कैसे शाहरुख खान ने क्लाइमेक्स सीन में मदद की। तो चलिए जानते हैं लक्ष्य ने क्या कहा है।
लक्ष्य ने शाहरुख खान को लेकर कही ये बात
सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड के एक्टर लक्ष्य एक बार फिर से चर्चा में आ गए हैं, इसकी वजह उनका अभी हाल ही में दिया एक इंटरव्यू है। लक्ष्य ने हाल ही में राज शमानी (Raj Shamani) को दिए इंटरव्यू में शाहरुख खान की तारीफों के पुल बांधे। लक्ष्य ने कहा, 'भाई साहब वो इंसान क्या है यार। उन्होंने मुझे जिंदगी में इतना इंस्पायर किया। उनकी सारी TED टॉक्स, मोटिवेशनल स्पीचेज ये सब सुनकर लगता है, हां यार, कुछ करना पड़ेगा।' लक्ष्य ने आगे कहा, 'जब तुम उस रास्ते पर निकल पड़ते हो कि कुछ बनना है, तो समझ आता है कि हां, ये सब मेहनत करनी पड़ेगी। स्मार्ट वर्क जैसी कोई चीज नहीं होती, टाइम यूज करो, सही लोगों के साथ रहो, लेकिन भाई वो मेहनत तो करनी पड़ेगी।' शाहरुख की डेडिकेशन की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'तब समझ आता है कि SRK ने जो स्टारडम हासिल किया, वो आसान नहीं है। बहुत मुश्किल है और इसके लिए ढेर सारी मेहनत लगती है।' शाहरुख के साथ अपनी बॉन्डिंग पर लक्ष्य ने कहा, 'उनसे जितनी बार मिलो, हर बार कुछ ना कुछ सीखकर ही जाओगे। वो हमेशा आपको इंस्पायर करेंगे। वो हमेशा आपके बारे में सोचते हैं।'
'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के क्लाइमेक्स में दिखा शाहरुख का जादू
सीरीज के सेट से एक मजेदार किस्सा शेयर करते हुए लक्ष्य ने बताया, 'शूटिंग के दौरान एक सीन था और शाहरुख सर यूं ही सेट पर आए, हमसे बातें कर रहे थे। आर्यन खान डायरेक्शन कर रहे थे। SRK को बहुत इंटरेस्ट था, क्योंकि वो सिनेमा को इतना प्यार करते हैं। उन्होंने हमें एक एक्शन सीन समझाया, वो क्लाइमेक्स वाला सीन जहां मैं आता हूं, गिरता हूं और पेन-पेपर उठाकर कहता हूं, 'कॉन्ट्रैक्ट मेरी किस्मत तय नहीं कर सकता, करिश्मा।' उस सीन को उन्होंने पूरा करके दिखाया। मैंने कहा, 'सर, आप ना भी करते, तो मैं समझ जाता। कोई स्टंटमैन या AD भी करके दिखा देता।' लेकिन वो सिनेमा को इतना प्यार करते हैं कि उन्होंने खुद वो सीन करके दिखाया। बोले, 'लक्ष्य, थोड़ा ऐसे कर, थोड़ा वैसे कर।' उन्हें ये सब करना बहुत पसंद है।'
