Bads Of Bollywood: दिल्ली हाईकोर्ट से आर्यन खान को मिली बड़ी राहत, खारिज हुआ समीर वानखेड़े का मानहानी केस
- Authored by: Abhay
- Updated Jan 29, 2026, 02:06 PM IST
Aryan Khan Vs Sameer Wankhede Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व NCB ऑफिसर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) की डिफेमेशन सूट को रिजेक्ट कर दिया। ये सूट आर्यन खान (Aryan Khan) की डायरेक्ट की गई Netflix सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड (The Ba***ds of Bollywood) के खिलाफ था। तो चलिए जानते हैं कोर्ट ने क्या कहा...
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Aryan Khan Vs Sameer Wankhede Case: बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) की डायरेक्ट की गई नेटफ्लिक्स (Netflix) की सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड (The Ba***ds of Bollywood) इन दिनों काफी चर्चा में बनी हुई है। सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड को लेकर एक के बाद एक नए विवाद सामने आ रहे हैं। अभी हाल ही में सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड के एक सीन पर पूर्व NCB ऑफिसर समीर वानखेड़े (Sameer Wankhede) की डिफेमेशन केस किया था। इस खबर के सामने आने के बाद हर तरफ इसको लेकर चर्चा हो रही थी। अब इन सब के बीच कोर्ट ने इस मामले पर फैसला सुनाया है।
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कोर्ट ने खारिज की याचिका
आर्यन खान एक बार फिर से अपनी सीरीज द बैड्स ऑफ बॉलीवुड को लेकर फिर से चर्चा में आ गए हैं। इसकी वजह एक केस है जो समीर वानखेड़े ने किया था। समीर वानखेड़े सीरीज के एक सीन पर आपत्ति जताई थी और मानहानी का केस किया था। अब कोर्ट ने इस मामले में पर फैसला सुनाते हुए इस मामले के खारिज कर दिया है। जस्टिस पुरूषैन्द्र कुमार कौरव ने फैसला दिया कि दिल्ली हाई कोर्ट के पास इस मामले को सुनने का अधिकार नहीं है। इसलिए उन्होंने मुकदमा वापस कर दिया और समीर वानखेड़े को यह आजादी दी कि वो किसी और सक्षम कोर्ट में केस दायर कर सकते हैं। कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में यह केस नहीं चल सकता, लेकिन वानखेड़े अपनी शिकायत कहीं और उठा सकते हैं। कोर्ट समीर वानखेड़े की अंतरिम निषेधाज्ञा (इंटरिम इंजंक्शन) की अर्जी पर सुनवाई कर रहा था। इसमें दो मुख्य मुद्दे थे पहला, क्या यह मुकदमा दिल्ली में चल सकता है? दूसरा, क्या सीरीज में दिखाया गया कैरेक्टर पूरी तरह देखने पर सिर्फ आर्टिस्टिक एक्सप्रेशन है या इसमें मानहानि (डिफेमेशन) की हद पार हो गई है? लेकिन कोर्ट ने सिर्फ पहले मुद्दे यानी दिल्ली में जूरिस्डिक्शन पर फैसला दिया और बाकी बातों पर कोई राय नहीं दी। अब देखना है कि समीर वानखेड़े आगे किसी और कोर्ट में केस चलाते हैं या नहीं।
वकीलों ने कही ये बात
समीर वानखेड़े की तरफ से सीनियर एडवोकेट जे साई दीपक ने तर्क दिया कि मुकदमा दिल्ली में चल सकता है क्योंकि उनके क्लाइंट के खिलाफ डिपार्टमेंटल प्रोसीडिंग्स दिल्ली में चल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि कई मीडिया संस्थाएं जो वानखेड़े के खिलाफ रिपोर्ट्स छापती हैं, वो दिल्ली से काम करती हैं। दीपक ने कहा कि सीरीज में कथित रूप से मानहानिकारक कंटेंट अभी भी उपलब्ध है, जिससे वानखेड़े की इज्जत को लगातार नुकसान हो रहा है और इसे हटाया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, रेड चिलीज एंटरटेनमेंट की तरफ से सीनियर एडवोकेट नीरज किशन कौल ने मुकदमे को दिल्ली में चलाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि समीर वानखेड़े और रेड चिलीज दोनों मुंबई में बेस्ड हैं, इसलिए बॉम्बे हाई कोर्ट ही सही जगह है। उन्होंने तर्क दिया कि सिर्फ ऑनलाइन कंटेंट का हर जगह पहुंचना दिल्ली में जूरिस्डिक्शन बनाने के लिए काफी नहीं है।