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Exclusive: मुनव्वर फारूकी ने 'लॉकअप' को बताया ज्यादा मुश्किल, सलमान खान के Bigg Boss पर कही ये बात

Munawar Faruqui Exclusive Interview: बेहतरीन कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी ने हाल ही में जूम के साथ की गई खास बातचीत में इंडस्ट्री में इतने सालों तक के अपने सफर के बारे में खुल कर बात की। साथ ही उन्होंने कंगना रनौत के 'लॉक अप' को 'बिग बॉस' से ज्यादा मुश्किल बताया है।

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photo credit: manuwar faruqui instagram, alt balaji, jio hotstar

Munawar Faruqui Exclusive Interview: भारत के मशहूर स्टैंड अप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) जो एक होस्ट, गायक और रैपर के साथ-साथ एक अच्छे एक्टर भी हैं। मुनव्वर फारूकी ने टीवी इंडस्ट्री में अपना नाम बहुत तेजी से बनाया है। वो हमेशा अपने बेबाक जवाब के लिए जाने जाते हैं। मुन्ना ने लगातार दो शो की ट्रोफी को अपने नाम किया, जिसमें से एक कंगाना रनौत का शो 'लॉक आप'(Lock Upp) है, तो दूसरा सलमान खान का शो 'बिग बॉस'(Bigg Boss) है। हाल ही में मुनव्वर फारूकी ने जूम को एक इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री में अपने इतने लंबे सफर के कुछ किस्से साझा किए।

अभी हाल ही में मुनव्वर फारूकी ने जूम को दिए गए इंटरव्यू में अपनी लाइफ से जुड़ी काफी कुछ बातें साझा की हैं, जिसमें उन्होंने दो पॉपुलर शो को कंपेयर भी करा। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि आपके लिए दोनों शो में से कौन सा ज्यादा मुश्किल था। तो मुनव्वर ने जवाब देते हुए कहा कि दोनों शो ने मेरे ऊपर अलग-अलग असर छोड़ा है। एक मानसिक तो दूसरा शारीरिक। लेकिन मुझे ऐसा लगता है कि 'लॉक अप' (Lock Upp) ज्यादा मुश्किल है, क्योंकि अगर आप देखने जाते हैं, तो यह आपकी बॉडी की ताकत और मानसिक रुप से बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने आगे कहा कि 'बिग बॉस' हर इंसान के लिए काफी मुश्किल होता है। आप क्या सोच रहें हैं, क्या चल रहा है, मुझे लगता है कि यह कैप्टिव (जहां इंसान एक जगह बंद रहे) रियालिटी शो इंसानों पर एक्सपैरिमेंट करने जैसा है। 'बिग बॉस' (Bigg Boss) भी कोई आसान शो नहीं है, यह आसान दिखता है, जैसे तैयार होना, लड़ना और खाना। लेकिन यह सच में यह बहुत मुश्किल है।

मुनव्वर फारूकी (Munawar Faruqui) ने इंटरव्यू में आगे कहा "लेकिन जैसा सब कहते हैं कि आपकी लाइफ का हर अनुभव एक सबक होता है। हमें क्यों कुछ बनने के लिए परिक्षा देना पड़ती है? अगर आपको कुछ बनना है, तो आपको 15 साल तक परिक्षाओं से गुजड़ना पडे़गा। लेकिन अगर हम उन परिक्षाओं के बाद भी कुछ नहीं बन पाते तो जिंदगी हमें उनके लिए तैयार कर देती है। जिंदगी अपना खुद का सिलेबस चुनती है और कहती है, अब देखना है तुम्हें क्या मिला। कभी आप फेल होते हैं, कभी पास, लेकिन जब आप पास होते हैं, तो जश्न होता है और अगर आप फेल होते हैं, तो आपको फिर से तैयारी करनी पड़ती है।"

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