ये है महाभारत के दुर्योधन का बेटा, पुनीत इस्सर की तरह सिद्धांत इस्सर भी निभा चुके दुर्योधन का आइकॉनिक रोल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 26, 2020, 03:26 PM IST

अभिनेता सिद्धांत इस्सर का कहना है कि वह टीवी शोज नहीं करना चाहते हैं या ना ही किसी रियलिटी शो का हिस्सा बनने की ख्वाहिश रखते हैं। जानें क्यों....

ये है महाभारत के दुर्योधन का बेटा, पुनीत इस्सर की तरह सिद्धांत इस्सर भी निभा चुके दुर्योधन का आइकॉनिक रोल
Photo Credit: Instagram

महाभारत में दुर्योधन का रोल निभाने वाले अभिनेता पुनीत इस्सर इन दिनों अपने बेटे को लेकर चर्चा में हैं। पुनीत इस्सर के बेटे सिद्धांत इस्सर ने पिता के पदचिन्हों पर चलकर एक्टिंग में करियर बनाने का फैसला किया है। फिलहाल सिद्धांत इस्सर अपनी डेब्यू शॉर्ट डेब्यू फिल्म रेज़रेक्शन- जागो और जियो को लेकर चर्चा में हैं। यह फिल्म सिद्धांत इस्सर की तरफ से उनके दादा सुदेश इस्सर को श्रद्धांजलि है। जानकर हैरानी होगी कि सिद्धांत इस्सर से पहले उनके दादा सुदेश भी आत्महत्या जागरुकता के लिए साल 1973 में फिल्म सौदा बना चुके है। इसमें विनोद खन्ना और योगिता बाली ने अभिनय किया था। वहीं अब सिद्धांत इस्सर की फिल्म रेज़रेक्शन- जागो और जियो को उन्होंने खुद लिखा और निर्देशित किया है।

सिद्धांत इस्सर लंबे टाइम से थिएटर वर्ल्ड में एक्टिव हैं। कम ही लोग जानते हैं कि पिता पुनीत इस्सर की तरह ही सिद्धांत भी दुर्योधन का आइकॉनिक रोल निभा चुके हैं। भारत के सबसे सफल लाइव थिएटर नाटक महाभारत- एन एपिक टेल में सिद्धांत इस्सर ने दुर्योधन के रूप में काम किया है। जिसके लिए उन्हें काफी सराहा भी गया है।

टीवी पर काम नहीं करना चाहते हैं सिद्धांत इस्सर
अभिनेता सिद्धांत इस्सर का कहना है कि वह टीवी शोज नहीं करना चाहते हैं या ना ही किसी रियलिटी शो का हिस्सा बनने की ख्वाहिश रखते हैं। बकॉल सिद्धांत इस्सर, 'मैं टीवी करने के लिए बहुत उत्सुक नहीं हूं। मुझे वेब शो और फिल्मों में काम करना ज्यादा अच्छा लगता है। मुझे लाइव थिएटर करने में भी काफी मजा आता है। मैं खुद को रियलिटी और टीवी शो के लिए भी सही नहीं पाता हूं।'

पुनीत इस्सर ने नहीं की बेटे की मदद
सिद्धांत इस्सर अपने पापा से काफी मोटिवेट हैं। सिद्धांत बताते हैं, 'मेरे पिता एक ऐसे शख्स हैं, जो सोर्स उपयोग करने से अधिक हार्डवर्क में विश्वास करते हैं। वह मानते हैं कि हमारे प्रयास की दृढ़ता मायने रखती है। मुझे उन्होंने किसी भी तरह से मदद नहीं की क्योंकि वो चाहते हैं कि मैं संघर्ष करूं और अपने लिए रास्ता खुद बना सकूं। लेकिन हां, एक जिम्मेदार पेरेंट्स होने के नाते मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया है। वह मुझे मेरे काम पर सबसे अच्छी राय और प्रतिक्रिया देता है। मैं उनकी तरह ही अपनी अलग खुद की पहचान मनोरंजन जगत में बनाना चाहता हूं।'

End of Article