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Ram Charan की 'Peddi' को तेलंगाना में सिंगल स्क्रीन्स पर नहीं किया जाएगा रिलीज !! जानिए क्या है पूरा मामला

Ram Charan's Peddi in Trouble: राम चरण की फिल्म 'पेड्डी' की रिलीज से पहले ही यह विवादों में फंसती नजर आ रही है। थिएटर मालिकों ने तेलंगाना में इस मूवी को सिंगल स्क्रीन्स पर रिलीज ना करने को बोला है।

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राम चरण की 'पेड्डी' को नहीं मिल रहीं सिंगल स्क्रीन्स (Pic Credit: Instagram)

Ram Charan's Peddi in Trouble: साउथ सुपरस्टार राम चरण (Ram Charan) की स्पोर्ट्स एक्शन ड्रामा फिल्म 'पेड्डी' (Peddi) रिलीज होने से पहले ही मुश्किल में पड़ती नजर आ रही है। मेकर्स ने इस मूवी को दुनिया भर में पेश करने के लिए 4 जून का दिन चुना है। 'पेड्डी' को लेकर जो रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं उनके मुताबिक तेलंगाना के सिंगल-स्क्रीन थिएटर मालिक इस मूवी को ना रिलीज करने की धमकी दे रहा हैं। सभी का कहना है कि जब तक निर्माता नई रेवेन्यू-शेयरिंग सिस्टम पर सहमति नहीं जताते हैं, तब तक यह तेलंगाना में सिंगल स्क्रीन्स पर यह फिल्म रिलीज नहीं होगी। यह मुद्दा सबसे पहले हैदराबाद में स्टार्ट हुआ था लेकिन अब यह पूरे राज्य में फैल रहा है। अब इसमें निजाम क्षेत्र के सभी एग्जीबिटर्स शामिल हो गए हैं। थिएटर मालिकों का कहना है कि बड़ी ऑपरेशनल कास्ट के चलते अब करंट रेंटल-बेस्ड मॉडल आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं है।

मुश्किल में पड़ी राम चरण की 'पेड्डी'

फिल्म इंडस्ट्री के मेंबर्स को पूरी उम्मीद है कि कई महीनों से चले आ रहे बॉक्स ऑफिस पर खराब प्रदर्शन के बाद राम चरण की 'पेड्डी' इनके लिए उम्मीद की किरण बन सकती है। मगर रिलीज होने से पहले ही यह मूवी तेलंगाना में एग्जीबिटर्स और प्रोड्यूसर्स के बीच एक बड़े विवाद का कारण बन गई है।

एग्जीबिटर्स की मानें तो तेलंगाना भर के थिएटर 'पेड्डी' की रिलीज को होल्ड कर सकते हैं। इसलिए लिए है जब तक कि कोई नया फाइनेंसियल मॉडल पेश नहीं किया जाता। मौजूदा स्थिति तेलुगु इंडस्ट्री में चिंता का कारण बन गई है। बॉक्स ऑफिस पहले से कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। (इसे भी पढ़ें: Rajinikanth की 'Jailer 2' के सेट पर हुआ बड़ा हादसा, बिजली का झटका लगने से क्रू मेंबर की हुई मौत)

जानिए क्या है मुद्दा?

असल मुद्दा यह है कि थिएटर से होने वाली कमाई को प्रोड्यूसर और एग्जीबिटर्स के बीच किस तरह बांटा जाए। कई तेलुगु मूवीज को एक रेंटल-आधारित सिस्टम के तहत चलाया जाता है। इसका मतलब यह है कि फिल्में की कमाई हो या ना हो लेकिन थिएटर मालिक निर्माताओं को एक रेंटल राशि देते हैं। एग्जीबिटर्स का कहना है कि यह मॉडल अब टिकाऊ नहीं रहा है क्योंकि सिंगल-स्क्रीन थिएटरों के बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों ज्यादा है। ये लगात 12 से 18 हजार रुपये तक होती है। इस लगात के साथ आज के समय में चीजों को संभालना आसान नहीं है। (इसे भी पढ़ें: राजनीति में आने के लिए Diljit Dosanjh पर बनाया जा रहा है प्रेशर, पंजाब के सीएम Bhagwant Mann ने किया दावा)

Janhvi Kapoor

Janhvi Kapoor

इसके बजाय वे रेवेन्यू शेयरिंग का एक प्रतिशत-आधारित मॉडल लागू करने की मांग कर रहे हैं। एग्जीबिटर्स पहले हफ्ते में 60 प्रतिशत, दूसरे हफ्ते में 50 प्रतिशत और तीसरे हफ्ते से आगे 40 प्रतिशत रेवेन्यू शेयर चाहते हैं। थिएटर मालिकों का यह भी कहना है कि यह सिस्टम भारत में कई जगह पहले से ही चल रहा है। ऐसा करने से तेलंगाना में स्ट्रगल कर रहे सिनेमाघरों को बचाया जा सकेगा।

Mythri Movie Maker ने ठुकरा दिया है प्रपोजल

Mythri Movie Maker ने कथित तौर पर एग्जीबिटर्स के इस प्रताव का विरोध किया। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस बैनर के माध्यम से राम चरण की 'पेड्डी' को दुनिया भर में पेश किया जाना है। इसलिए फिल्म की रिलीज से पहले यह असहमति और बढ़ गई है। एग्जीबिटर्स का कहना है कि वो 'पेड्डी' को ही निशाना बना रहे हैं। फिल्म की रिलीज के समय यह सब करने के मलतब है कि लंबे समय से पेंडिंग चली आ रही चीजों को बदल सकें।

Lalit Kumar
ललित कुमार author

ललित कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में बतौर राइटर जुड़े हैं। पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद ललित ने एंटरटेनमेंट बीट में अपना ... और देखें

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