South Movies Success Secret: हाल ही में रिलीज हुई ऋषभ शेट्टी की फिल्म कांतारा चैप्टर 1 ने फिर से साउथ इंडस्ट्री का झंडा बॉलीवुड की छाती पर गाड़ दिया है। ऐसा हम नहीं ऐसा लोग कह रहे हैं क्योंकि जिस तरह बॉलीवुड का स्तर गिरता जा रहा है और उसके ऊपर से साउथ इंडस्ट्री लगातार नई उचाइंया छू रही है आने वाले दिनों में लोग बॉलीवुड को भूल भी सकते हैं। हालांकि हिंदी फिल्मों में कुछ ऐसे लोग अब भी मौजूद है जो लगातार अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन उनको वो दर्जा नहीं मिल पाया है जिसके वो हकदार है। खैर बात करें साउथ फिल्मों की तो चाहें नॉर्थ हो या ईस्ट हर जगह बस तेलुगु, कन्नड़ और तमिल फिल्मों का दबदबा कायम हो गया है। आज हम आपको अपनी इस खास रिपोर्ट में ये बताएंगे कि क्यों साउथ इंडस्ट्री की फिल्में लगातार क्यों हिट हो रही है। आइए नजर डालते है इस खास रिपोर्ट पर..
कांतारा जैसी फिल्मों से क्यों आसानी से जुड़ जाते हैं लोग
कांतारा जैसी फिल्मों की सक्सेस का राज है उसकी कहानी...आपको याद है स्त्री को छोड़कर कब बॉलीवुड के मेकर्स ने ऐसी फिल्म बनाई जो कि लोककथाओं पर आधारित हो....ये बात बॉलीवुड वाले समझ नहीं पाए कि लोग आजकल फालतू एक्शन और वही घिसी पिटी रोमांटिक कहानियों से बोर हो गए हैं। उनको चाहिए ऐसा कुछ जो उन्हें आखिर तक बांधे रखे। बॉलीवुड की महंगी-महंगी बातों से लोग बोर हो गए है लोगों को चाहिए ऐसी मूवी जिसमें भारत की संस्कृति, अच्छी कहानी और शानदार VFX हो, इसलिए कांतारा जैसी मूवीज को लोग इतना प्यार दे रहे हैं।

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जुनूनी है साउथ के कलाकार
आरआरआर, केजीएफ और पुष्पा के सीन्स को देखकर ये बास तो साफ हो गई है कि इसके पीछे मेकर्स और एक्टर्स पूरी मेहनत करते हैं। मनोज बाजपेयी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वे लोग काफी जुनूनी है। उन्होंने कहा था, 'फिल्म के हर शॉट को ऐसे लेते हैं कि मानों दुनिया का बेस्ट शॉट ले रहे हो। अगर आप आरआरआर या केजीएफ देखें तो हर फ्रेम को ऐसे शूट किया गया है कि मानो ये उनकी जिंदगी का आखिरी शॉट है। इसी की हमारे यहां (बॉलीवुड) कमी है। हमारे यहां मेनस्ट्रीम केवल पैसे और बॉक्स ऑफिस के बारे में सोचते है। हम खुद को क्रिटिसाइज नहीं कर सकते। इसलिए उनहें अलग कहकर अलग करते हैं लेकिन मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के लिए ये एक बड़ा सबक है कि कैसे मेनस्ट्रीम सिनेमा बनाएं।

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धांसू टेक्नोलॉजी और नई सोच
पुष्पा, केजीएफ और आरआरआर जैसी मूवीज में मेकर्स ने वीएफएक्स पर काफी पैसा लगाया है। इस टेक्नोलॉजी के मामले में साउथ इंडस्ट्री, बॉलीवुड तो क्या हॉलीवुड से भी आगे निकल चुकी है। 20 करोड़ के बजट में बनी प्रशांत वर्मा की फिल्म 'हनुमान' ने VFX के दमपर ही बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली थी। इस फिल्म को लोगों ने खूब प्यार दिया है। इतना ही नहीं फिल्म की IMDB रेटिंग भी 8.7 है।

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सक्सेस का आसान मंत्र
साउथ की फिल्मों की सबसे बड़ी ताकत उनकी कहानी होती है। ये कहानियां दर्शकों के दिल को छूती हैं। साउथ फिल्म इंडस्ट्री में बड़े स्टार्स जैसे प्रभास, जूनियर एनटीआर, राम चरण या अल्लू अर्जुन काम करते हैं, लेकिन निर्माता उनकी फीस को बजट का बहुत बड़ा हिस्सा नहीं बनने देते। मेकर्स फिल्म के प्रोडक्शन और अन्य चीजों पर ज्यादा पैसा लगाते हैं। वहीं बॉलीवुड में सलमान और अक्षय की फीस से तो मेकर्स का दिल दहल जाता है। साउथ की फिल्में अक्सर बड़े पैमाने पर बनाई जाती हैं, एक्शन सीक्वेंस से लेकर डांस नंबर तक पर मेकर्स काफी मेहनत करते हैं।
