Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumar Review in Hindi: डायरेक्टर शशांत खैतान की नई फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है, जिसमें वरुण धवन, जाह्नवी कपूर, रोहित सराफ और सान्या मल्होत्रा जैसे कलाकार अहम किरदारों में दिखाई दे रहे हैं। फिल्म में दो ऐसे कपल्स की कहानी दिखाई गई है, जो अपने-अपने प्यार की तलाश में हैं।
Sunny Sanskari Ki Tulsi Kumar Review in Hindi: बॉलीवुड में जब भी कोई सक्सेसफुल एक्टर कुछ फ्लॉप फिल्में दे देता है, तो ये आसानी से लिख दिया जाता है कि अब इसका करियर खत्म हो गया है। करियर खत्म होने की घोषणा करने वाले शायद ये भूल जाते हैं कि ये एक्टर सक्सेसफुल भी अपने हुनर के दम पर ही हुआ था। जिस दिन इसे अच्छी स्क्रिप्ट मिलेगी, ये फिर से कमाल कर देगा। शशांत खैतान और वरुण धवन ने साल 2014 में हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया के लिए पहली बार हाथ मिलाया था और एक दशक से भी लम्बे समय के बाद ये जोड़ी फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी के लिए साथ आई है। शशांत ने 11 साल पहले भी वरुण के करियर को मदद करने वाली मूवी दी थी और एक दफा फिर से उन्होंने हमारे क्यूट स्टार के करियर को पटरी पर लाने का काम किया है। फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में वरुण धवन के साथ जाह्नवी कपूर, रोहित सराफ और सान्या मल्होत्रा जैसे एक्टर्स हैं लेकिन अगर इस मूवी को 'द वरुण धवन' शो कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी दो ऐसे लोगों (सनी और तुलसी) की कहानी है, जिनके लवर्स (विक्रम और अनन्या) ने घरवालों के दवाब में आकर एक-दूसरे से शादी करने का फैसला लिया है। सनी और तुलसी मिलकर ये फैसला लेते हैं कि वो अपने प्यार को यूं तो नहीं जाने देंगे और आखिरी दम तक उसके लिए लड़ाई लड़ेंगे। बस फिर क्या ये पहुंच जाते हैं विक्रम और अनन्या की शादी में, जो जयपुर में हो रही है। आप अंदाजा लगा ही सकते हैं कि अगर किसी की शादी में उसका एक्स पहुंच जाए तो क्या ड्रामा होगा? फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में भी वही सब दिखाया गया है। हां, सनी और तुलसी को उनका प्यार मिलेगा या नहीं इसके लिए आपको मूवी की एंडिंग देखनी होगी।
वरुण धवन टैलेंटिड एक्टर हैं, जिनकी कॉमिक टाइमिंग का कोई जवाब नहीं है। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में वो लम्बे समय के बाद फुल फॉर्म में दिखे हैं। पहले ही सीन से वो स्टेडियम के बाहर छक्के मारना शुरू कर देते हैं और पूरी फिल्म में हंसाते रहते हैं। बहुत समय के बाद वरुण को ऐसी स्क्रिप्ट और ऐसा किरदार मिला था, जिसके लिए सिर्फ वो ही परफ्केट हैं और उन्होंने कमाल दिखाने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। कॉमेडी सीन्स, इमोशनल सीन्स और रोमांटिक सीन्स सभी में वरुण धवन लाइकेबल लगे हैं। वरुण धवन को जाह्नवी कपूर का भी खूब साथ मिला है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि जाह्नवी की एक्टिंग की एक सीमा है लेकिन तुलसी कुमारी के रोल में वो उस सीमा से आगे जाती दिखी हैं। उन्होंने अच्छा काम किया है लेकिन वो थोड़ी और मेहनत कर सकती थीं। रोहित सराफ सीधे-सादे अमीरजादे के रोल में फिट लगे हैं। उनसे डायरेक्टर को जितना काम चाहिए था, उन्होंने दिल लगातर उतना डिलीवर किया है। वो एक बार फिर से स्क्रीन पर लाइकेबल बॉय लगे हैं। सान्या मल्होत्रा अच्छी एक्ट्रेस हैं लेकिन सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में उनका काम निराश करने वाला है। कई सीक्वेंसेज में तो सान्या मल्होत्रा को देखकर ऐसा लग रहा था कि उनसे जबरदस्ती काम कराया जा रहा हो। उनकी एक्टिंग इस फिल्म में हल्कापन पैदा करती है।
अब बात करते हैं डायरेक्टर शशांक खैतान की। शशांक खैतान इस दौर के सबसे बेहतरीन रॉम-कॉम डायरेक्टर हैं और एक बार उन्होंने फिर से साबित कर दिया है कि अगर उन्हें उनके मन का एक्टर मिल जाए तो वो किसी जादूगर से कम नहीं हैं। एंटरटेनिंग सीन्स, यंग जनरेशन को टारगेट करने वाले डायलॉग्स, बड़े-बड़े सेट्स, कमाल के गाने और दिल को छू लेने वाली कहानी... सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी के एक-एक फ्रेम पर शशांक खैतान की पकड़ नजर आती है।
फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी में सबकुछ अच्छा है, ऐसा भी नहीं है। इस फिल्म का सेकेंड हाफ बहुत ही हल्का है। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी के फर्स्ट हाफ में बहुत मजा आता है लेकिन सेकेंड हाफ के दौरान कई दफा ऐसे मौके आते हैं जब स्क्रीन से नजर हटती है और आप फोन चेक करने लगते हैं। फिल्म का क्लाइमैक्स भी थोड़ा खिंचा हुआ है, जिसे छोटा किया जा सकता था लेकिन इसे प्राजक्ता कोहली के कैमियो का सहारा मिला है, जिस कारण ये एंटरेटनिंग बना गया है।
अब बात करते हैं कि ये फिल्म थिएटर में देखी जानी चाहिए या नहीं? तो बात कुछ ऐसी है कि बॉलीवुड जाना ही एंटरटेनिंग मूवीज के लिए जाता है। सालों से बॉलीवुड ने कमाल की एंटरटेनिंग मूवीज दी हैं, जिन्होंने हमें खूब हंसाया है। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी भी उसी कैटेगिरी की मूवी है। इस फिल्म के दौरान खूब हंसी आएगी और 2 घंटे का समय पता भी नहीं चलेगा कि कब खत्म हो गया। अगर आपको लम्बे वक्त से ऐसी फिल्म का इंतजार था, जिसे आप परिवार के साथ एन्जॉय कर पाएं तो सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी जरूर देखें। खास करके वरुण धवन के फैंस तो इसे बिल्कुल भी मिस न करें क्योंकि उनके पसंदीदा एक्टर ने कमाल का काम किया है। हम अपनी ओर से फिल्म सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी को 3.5 स्टार्स देते हैं।