The Paradise Movie Review: नानी का खूंखार अंदाज जमाएगा रंग, लेकिन दूसरे हाफ में फीकी पड़ी कहानी

The Paradise Movie Review: साउथ स्टार नानी की फिल्म द पैराडाइज रिलीज हो गई है। अगर आप भी इस फिल्म को देखने के प्लान कर रहे हैं, तो रिव्यू काफी काम आने वाला है। तो चलिए जानते हैं कि फिल्म में क्या अच्छा और क्या बुरा है।

AbhayAuthored by: AbhayUpdated Sep 24 2026, 15:01 IST

The Paradise

क्रिटिक्स रेटिंग
starstarstarstarstar

3.0

the paradise movie review: nani's raw action drama packs a punch, but loses steam later

फिल्म द पैराडाइज का रिव्यू

The Paradise Movie Review: साउथ स्टार नानी (Nani) की फिल्म द पैराडाइज (The Paradise) सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है और इस बार एक्टर बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आ रहे हैं। फिल्म में रॉ एक्शन, हिंसा, इमोशन और बदले की कहानी देखने को मिलती है। नानी ने अपने किरदार के लिए लुक से लेकर बॉडी लैंग्वेज तक पर काफी काम किया है। फिल्म का पहला हाफ दमदार एक्शन और शानदार विजुअल्स के साथ पकड़ बनाए रखता है, लेकिन इंटरवल के बाद कहानी थोड़ी बिखरती नजर आती है। तो आखिर करीब तीन घंटे की ये फिल्म आपका समय कितना वसूल करती है, आइए जानते हैं।

फिल्म की स्टोरी क्या है?

फिल्म की कहानी 1980 के दशक के सिकंदराबाद की है। यहां सवारा समुदाय के लोग रहते हैं, जिनके पास अपनी पहचान और सरकारी रिकॉर्ड में सही जगह नहीं है। ये लोग सालों से अपने हक और पहचान के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनकी जिंदगी पर शिखंजा मलिक (Mohan Babu) का दबदबा है। इसी दुनिया में जडाल यानी नानी की एंट्री होती है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, वो अपने आसपास के लोगों और उनकी हालत को समझने लगता है। जडाल की जिंदगी में उसकी मां और सुब्बू यानी कायादू लोहार (Kayadu Lohar) का किरदार भी अहम है। इन रिश्तों की वजह से जडाल का एक अलग पहलू देखने को मिलता है। दूसरी तरफ शिखंजा मलिक का परिवार और उसका दबदबा कहानी को लगातार तनाव में रखता है। कहानी धीरे-धीरे बदले, हक और अपने लोगों के लिए खड़े होने की तरफ जाती है। यहां से फिल्म में एक्शन काफी बढ़ जाता है और जडाल का किरदार भी पूरी तरह बदलता नजर आता है।