Mahakavya Shri Ramayan Katha Movie Review: अभिषेक सिंह के निर्देशन में बनी देव शर्मा, अंजलि अरोड़ा और निर्भय वाधवा की 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' को देखने का मन बना रहे हैं तो यह रिव्यू जरूर पढ़ लें।
Mahakavya Shri Ramayan Katha Movie Review: भारतीय सिनेमा में रामायण की कहानी को कई बार बड़े पर्दे पर पेश किया गया। ऐसे में अब निर्देशक अभिषेक सिंह भी इसी पौराणिक महाकाव्य को अपनी फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' (Mahakavya Shri Ramayan Katha) के जरिए दर्शकों तक लेकर आए हैं। फिल्म में देव शर्मा, अंजलि अरोड़ा, निर्भय वाधवा, शील वर्मा और रजनीश दुग्गल जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं। यह फिल्म 25 सितंबर यानी आज सिनेमाघरों में रिलीज कर दी गई है।
फिल्म की कहानी भगवान राम के वनवास से शुरू होती है। राजा राम (देव शर्मा), पत्नी सीता (अंजलि अरोड़ा) और भाई लक्ष्मण (शील वर्मा) के साथ 14 वर्षों के वनवास पर जाते हैं। जंगल में तमाम मुश्किलों के बीच तीनों एक-दूसरे का सहारा बनकर रहते हैं। कहानी उस वक्त नया मोड़ लेती है, जब लंका के राजा रावण (रजनीश दुग्गल) की नजर सीता पर पड़ती है और वह उनका हरण कर लेता है। इसके बाद राम अपनी पत्नी को वापस लाने और अधर्म के खिलाफ धर्म की स्थापना के लिए युद्ध का रास्ता अपनाते हैं।
'महाकाव्य श्री रामायण कथा' की सबसे बड़ी चुनौती इसकी कहानी नहीं बल्कि उसे स्क्रीन पर प्रेजेंट करना है। निर्देशक अभिषेक सिंह ने रामायण की परिचित कहानी को नए अंदाज में दिखाने की कोशिश की है लेकिन इसका कमजोर स्क्रीनप्ले काफी निराशाजनक है। फिल्म के कई दृश्यों में वह भावनात्मक गहराई नजर नहीं आती, जिसकी रामायण जैसी कहानी से उम्मीद की जाती है। डायलॉग्स भी कई जगह असर पैदा करने में असफल रहते हैं। कहानी दर्शकों पर कोई खास असर छोड़ने में सफल नहीं रहती है।
देव शर्मा ने भगवान राम के किरदार में प्रदर्शन किया है और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ठीक-ठाक असर छोड़ती है। वहीं अंजलि अरोड़ा सीता के किरदार में दिखाई देती हैं लेकिन इमोशनल सीन्स में उनकी अदाकारी प्रभावशाली नहीं लगती।
रजनीश दुग्गल को रावण के रोल में लिया गया है। उनका लुक आकर्षक जरूर है लेकिन किरदार में रावण की वह गंभीरता और प्रभावशाली आभा महसूस नहीं होती, जो इस भूमिका के लिए जरूरी थी। शील वर्मा भी लक्ष्मण के किरदार में खास प्रभाव नहीं छोड़ पाते। हनुमान बने निर्भय वाधवा भी असरदार साबित नहीं होते हैं।
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसके VFX यानी विजुअल इफेक्ट्स हैं। ‘महाकाव्य श्री रामायण कथा’ का बड़ा हिस्सा ग्रीन स्क्रीन पर शूट किया गया महसूस होता है और कई जगह बैकग्राउंड तथा विजुअल्स काफी कृत्रिम नजर आते हैं। खास तौर पर सीता हरण, सेतु निर्माण और लंका दहन जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों से काफी उम्मीद की जा सकती थी, लेकिन कमजोर VFX इन सीक्वेंस का प्रभाव कम कर देते हैं। पौराणिक कहानी को भव्य विजुअल अनुभव देने की कोशिश यहां तकनीकी कमियों की वजह से कमजोर पड़ जाती है।