Ramayana Review: राम सी 'सरल', रावण की लंका सी 'भव्य'

Ramayana Review: रणबीर कपूर, यश और साई पल्लवी स्टारर रामायण सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म को डायरेक्टर नितेश तिवारी ने बनाया है और निर्माता नमित मल्होत्रा ने प्रोड्यूस किया है।

Rahul SharmaAuthored by: Rahul SharmaUpdated Nov 5 2026, 11:59 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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4.0

Mythological
Release Date

Nov 5, 2026

Duration

3 hr 16 mins

ramayana review: ranbir kapoor and yash bring a ramayana which is composed like rama and spectacular like ravana

Ramayana Review: राम सी 'सरल', रावण की लंका सी 'भव्य'

Ramayana Review: डायरेक्टर नितेश तिवारी और निर्माता नमित मल्होत्रा ने जब रामायण का ऐलान किया था, तब इन दोनों ने केवल हॉलीवुड की वीएफएक्स हैवी मूवीज के साथ ही रेस लगाना शुरू नहीं की थी बल्कि सालों पहले आई निर्माता रामानंद सागर की उस रामायण को भी चुनौती के रूप में स्वीकार किया था, जो पहले से ही रेखा के उस पार विजेता बनकर खड़ी है। रामानंद सागर की रामायण भारत के गांव-गांव में सालों से मशहूर है, जिसकी सफलता से पार जाने के लिए नमित-नितेश को एक ऐसी लाइन खींचनी थी, जो उनकी अपनी हो क्योंकि रामानंद सागर की रामायण द्वारा खींची गई लाइन को मिटाना भारत में असंभव है। रामायण की रिलीज से पहले हर किसी के दिमाग में यही सवाल था कि क्या नमित और नितेश, रामानंद सागर की रामायण के बराबर ही लाइन खींच पाएंगे? रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी, लारा दत्ता और अरुण गोविल जैसे कलाकारों से सजी रामायण ने रिलीज के बाद ये जवाब दे दिया है और बताया है कि भारत की कहानियों को अगर श्रद्धाभाव से बनाया जाए तो वो दुनियाभर के दर्शकों के बीच में अपनी जगह जरूर बनाएंगी। TimesNow NavBharat पर ये खबर भी पढ़ें: Ramayana Public Review: रावण-जटायु के युद्ध सीन ने जीता दिल, Yash की एक्टिंग के दीवाने हुए फैंस

फिल्म रामायण की कहानी देवों और असुरों के महायुद्ध से शुरू होती है, जिसमें इंद्रदेव भगवान विष्णु की मदद से असुरों का नाश करते हैं और उन्हें पाताल लोक में ढकेल देते हैं। यहां असुर कीड़े-मकोड़ों की तरह जी रहे हैं, जो कैकेसी को स्वीकार नहीं है। वो अपने असुर वंश को वैभव की उस चोटी पर देखना चाहती है, जिसका ख्वाब उसके पिता सुमाली ने संजोया था। वो जानती है कि सिर्फ असुर रहकर देवों को नहीं हराया जा सकता है, जिस कारण वो महर्षि विश्रवा के साथ विवाह करती है, जिनसे रावण, विभीषण, कुंभकरण और शूर्पणखा पैदा होते हैं। जहां विभीषण और शूर्पणखा पर असुरों का ज्यादा प्रभाव है तो वहीं पर विभीषण ऋषियों की तरह शांत और नीति पर चलने वाला है। इन चारों बच्चों में सिर्फ रावण ही है जो असुरों सी ताकत रखता है और ऋषियों सा दिमाग। बस फिर क्या... कैकेसी अपने बड़े बेटे रावण को उस तपस्या पर भेजती है, जहां वो लंकापति बनने की ताकत अर्जित करता है और भगवान ब्रह्मा का वो वरदान पाता है, जिसके बाद उसका वध दुनिया में एक 'साधारण मानव' के अलावा कोई भी नहीं कर सकता है। इसके बाद रावण पृथ्वी पर अत्याचार की वो कहानी लिखना शुरू करता है कि खुद इंद्रदेव को भगवान विष्णु के पास जाकर प्रार्थना करनी पड़ती है कि वो पृथ्वी पर साधारण मानव के रूप में अवतार लें ताकि रावण को रोका जा सके। TimesNow NavBharat पर ये खबर भी पढ़ें: Ramayana First Half X Review: रणबीर-यश को साथ देख फैंस हुए एक्साइटेड, सिनेमाघरों में छाया जादू

एक तरफ जहां रावण का यश बढ़ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर भगवान विष्णु अयोध्या नरेश दशरथ के घर पर राम के रूप में जन्म लेते हैं। जहां एक तरफ अयोध्या में राम ऋषियों से शास्त्र और शस्त्र का ज्ञान ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रावण अंहकार में चूर होता जा रहा है और आखिरकार वो पल आता है, जहां दशरथ को राम के लिए 14 वर्ष के वनवास पर भेजना पड़ता है और यहीं से शुरू होती है रावण के वध की वो कहानी, जिसका अंत पृथ्वी पर रामराज्य के आरंभ के साथ होगा। डायरेक्टर नितेश तिवारी ने रामायण के पहले भाग में सीता हरण तक की कहानी रखी है, जिसके आगे की रामायण दूसरे भाग में दिखाई जाएगी।