Bhaiyya Ji Review: मनोज बाजपेयी की फिल्म भैया जी सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। फिल्म को लेकर दर्शकों को काफी उम्मीदें थी। अगर आप इस फिल्म को परिवार के साथ देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले जान लीजिए कैसी है फिल्म?
Bhaiyya Ji Review: मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'भैया जी' के रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार था। भैया जी के टीजर और ट्रेलर को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। ट्रेलर में भैया जी के रोल में मनोज बाजपेयी का भौकाल देखने लायक था। आज यानी 24 मई को फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अगर आप इस फिल्म को देखने का प्लान बना रहे हैं तो पहले पढ़ लें रिव्यू।
Bhaiyya Ji Review: स्टोरीलाइन
फिल्म की कहानी बिहार के पूपरी, गांव सितामंडी के राम चरण उर्फ भैया जी का भौकाल है। भैया जी को गांव वाले भगवान मानते हैं। एक ऐसा समय था जब भैया जी खूंखार व्यक्ति थे। उन्होंने कई लोगों की हत्या की थी। लेकिन अब भैया जी काफी शांत हो गए हैं। भैया जी के छोटे भाई की दिल्ली में हत्या हो जाती है। इस हत्या के पीछे ताकतवर बाप- बेटे हैं। भैया जी बाप-बेटे को पुलिस के सामने अपने गुनाह को कबूल करने के लिए कबूल करने के लिए कहते हैं।
लेकिन वो नहीं मानते हैं। इसके बाद भैया जी अपने भाई की मौत का बदला लेने का फैसला करते हैं।
Bhaiyya Ji Review: परफॉर्मेंस
भैया जी के रोल में मनोज बाजपेयी ने दमदार अभिनय किया है। एक्टर ने पर्दे पर हर इमोशन को बखूबी उतारा है। लेकिन स्टोरी में उनका कैरेक्टर काफी कमजोर है। भैया जी की पत्नी का किरदार जोया हुसैन ने निभाया है। जोया ने अच्छा काम किया है। भागीरथी बाई कदम ने फिल्म में अच्छा ठीक-ठाक काम किया है। विलेन के रोल में जतिन गोस्वामी और सुविंंदर विक्की का काम कुछ खास नहीं है। दोनों के डायलॉग काफी कमजोर लगे। उनमें विलेन वाली कोई बात नहीं थी।
Bhaiyaa Ji Review: राइटिंग और निर्देशन
भैया जी का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है। फिल्म की कहानी बेहद कमजोर है। इसकी वजह से कलाकार इंप्रेस नहीं कर पाए। पहले हाफ में फिल्म काफी मजेदार लगती है। दूसरे हाफ में फिल्म बहुत ज्यादा उबाऊ हो जाती है जिसे देखते हुए आपको एहसास होगा कि कब ये खत्म होगी। अपूर्व और मनोज बाजपेयी ने इससे पहले साथ में सिर्फ एक बंदा ही काफी है में काम किया है।