Vikram Bhatt Fraud Case: बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर फिल्मकार विक्रम भट्ट पिछले कुछ समय से 30 करोड़ के धोखाधड़ी केस में फंसे हुए हैं, जिसके चलते उन्हें जेल की रोटियां तक खानी पड़ी हैं। इस मामले में विक्रम भट्ट को आखिरकार वो खुशखबरी मिल गई है, जिसका उन्हें इंतजार था। गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई करते हुए विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को जमानत दे दी है। विक्रम भट्ट 30 करोड़ के धोखाघड़ी मामले में उदयपुर की सेंट्रल जेल में बंद थे, जहां से वो अब बाहर आ चुके हैं। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करने के बाद दोनों पक्षों को साथ में बैठकर रास्ता निकालने की सलाह दी है क्योंकि कोर्ट ने माना है कि ये एक व्यवसायिक विवाद है, जिसका निपटारा आमने-सामने बैठकर किया जा सकता है।
2 महीने 11 दिन बाद रिहा हुए विक्रम भट्ट
फिल्मकार विक्रम भट्ट 30 करोड़ के धोखाधड़ी मामले में 2 महीने 11 दिन तक जेल में बंद रहे। सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत के बाद जब विक्रम भट्ट जेल से बाहर आए तो उन्होंने जेल परिसर में स्थित भगवान शिव के मंदिर में माथा टेका और फिर मीडिया से बात की। विक्रम भट्ट ने जेल से बाहर आने के बाद कहा कि उन्हें हमेशा से ये भरोसा था कि सच लोगों के सामने आएगा और वो जेल से जल्द ही बाहर आएंगे।
विक्रम भट्ट ने खुद को बताया भगवान श्रीकृष्ण का भक्त
जेल से बाहर आने के बाद विक्रम भट्ट ने खुद को भगवान कृष्ण का भक्त बताया और कहा कि आने वाले दिनों में वो नया संघर्ष करने के लिए तैयार हैं। विक्रम भट्ट ने मीडिया को बताया कि वो भगवान कृष्ण की कृपा से और बेहतर इंसान बनकर बाहर आए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अगर आपको विक्रम भट्ट के धोखाधड़ी केस के बारे में नहीं पता है तो बता दें कि राजस्थान के इंदिरा ग्रुप ऑफ कंपनीज के मालिक डॉ. अजय मुर्डिया ने 17 नवंबर को उदयपुर में विक्रम भट्ट के साथ-साथ 8 लोगों पर 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। उन्होंने इन पर आरोप लगाया है कि एक इवेंट के दौरान दिनेश कटारिया नाम के व्यक्ति ने उनकी पत्नी की बायोपिक बनाने की सलाह दी, जिसके चलते विक्रम भट्ट से उनकी मुलाकात हुई। इसी बायोपिक के सिलसिले में 30 करोड़ रुपये का खर्चा हुआ, जिसको लेकर विवाद है।
