Rani Mukerji on Working Hours: बॉलीवुड की जानी-मानी एक्ट्रेस रानी मुखर्जी (Rani Mukerji) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म मर्दानी 3 (Mardani 3) को लेकर चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म को लेकर एक के बाद एक अपडेट सामने आ रहे हैं। रानी मुखर्जी फिल्मों के साथ-साथ अपने बयानों को लेकर भी खबरों में रहती हैं। रानी मुखर्जी ने दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) के 8 घंटे की शिफ्ट्स और हाई डिमांड्स की खबरों के बीच एक बयान दिया है, जो खूब वायरल हो रहा है। तो चलिए जानते हैं रानी मुखर्जी ने क्या बयान दिया है, जो काफी चर्चा में है।
रानी मुखर्जी ने शिफ्ट्स को लेकर कही ये बात
एक्ट्रेस रानी मुखर्जी एक बार फिर से खबरों में हैं। इसकी वजह रानी मुखर्जी का एक बयान है, जो खूब वायरल हो रहा है। रानी मुखर्जी ने ANI से बात करते हुए बताया, 'जब मैंने फिल्म 'हिचकी' (Hichki) की थी, तब मेरी बेटी आदिरा (Adira)14 महीने की थी और मैं उसे अभी भी ब्रेस्टफीडिंग करा रही थी।' रानी ने बताया कि उनकी शूटिंग का शेड्यूल उनकी बेटी आदिरा को ध्यान में रखकर बनाया गया था। 'मेरे घर से, जो जुहू के सबअर्ब्स में है, शूटिंग की जगह तक पहुंचने में दो घंटे लगते थे, क्योंकि ट्रैफिक बहुत होता है। तो मैंने ऐसा किया कि सुबह 6:30 बजे निकलती थी। मेरा पहला शॉट सुबह 8 बजे होता था और 12:30-1 बजे तक सब कुछ खत्म कर लेती थी। मेरी यूनिट और डायरेक्टर इतने प्लांड थे कि 6-7 घंटे में मेरी शूटिंग खत्म हो जाती थी। फिर शहर में ट्रैफिक शुरू होने से पहले, मैं 3 बजे तक घर पहुंच जाती थी। मैंने पूरी फिल्म ऐसे ही की।' रानी मुखर्जी ने दीपिका पादुकोण के हाल के विवाद पर भी बात की, जहां उनके 8 घंटे की शिफ्ट्स की खबरें थीं। उन्होंने कहा, 'आजकल ये बातें इसलिए चर्चा में हैं, क्योंकि लोग बाहर इस पर बात कर रहे हैं। लेकिन ये तो हर प्रोफेशन में नॉर्मल है। मैंने भी कुछ घंटों की शिफ्ट्स में काम किया है। अगर प्रोड्यूसर को ठीक लगता है तो आप फिल्म कर लेते हो। अगर प्रोड्यूसर को ठीक नहीं तो आप वो फिल्म नहीं करते। ये आपका चॉइस है। कोई किसी पर कुछ थोप नहीं रहा।
वर्क-लाइफ बैलेंस
रानी मुखर्जी ने कहा कि वर्क-लाइफ बैलेंस का बोझ इंडस्ट्री में औरतों पर ज्यादा पड़ता है, मर्दों पर नहीं। 'मर्दों को फिजिकल चेंजेस से नहीं गुजरना पड़ता। हम औरतें मां बनते वक्त फिजिकल और इमोशनल दोनों तरह के बदलावों से गुजरती हैं। मां बनना एक खूबसूरत अनुभव है, जो हमें भगवान के सबसे करीब लाता है। हम एक जिंदगी बनाते हैं। मुझे मर्दों के लिए थोड़ा बुरा लगता है, क्योंकि वो इस कमाल के अनुभव से चूक जाते हैं।'
