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'Daayra' को लेकर Prithviraj Sukumaran ने कही अहम बात, बोले 'इंडियन सिनेमा में ऐसी फिल्में...'

Prithviraj Sukumaran on Daayra: हाल ही में जूम के साथ बात करते हुए साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन ने 'दायरा' को लेकर अपनी राय रखते हुए कहा कि ऐसी फिल्में इंडियन सिनेमा में बननी चाहिए।

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'दायरा' को लेकर पृथ्वीराज सुकुमारन ने रखी अपनी राय (Pic Credit: Instagram)

Prithviraj Sukumaran on Daayra: साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन और बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान की फिल्म 'दायरा' अपनी रिलीज को लेकर चर्चा में बनी हुई है। नेशनल अवॉर्ड विनर डायरेक्टर मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी यह फिल्म सिर्फ एक क्राइम थ्रिलर नहीं है बल्कि इसके जरिए कई अहम सवाल उठाने की कोशिश की गई है। जूम हिंदी से बात करते हुए पृथ्वीराज सुकुमारन इस मूवी में काम करने के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन सिनेमा में 'दायरा' जैसी फिल्में बननी चाहिए। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: Ramayana First Song Out: श्रेया-अरिजीत की आवाज का जादू, कल्पना से ज्यादा सुंदर दिखे रणबीर-साई)

'दायरा' का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं पृथ्वीराज

जूम से एक खास बातचीत में पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा कि वह इस फिल्म का हिस्सा बनकर खुद को भाग्यशाली मानते हैं। उन्होंने फिल्म के मेकर्स की तारीफ करते हुए कहा कि 'दायरा' को बॉक्स ऑफिस के दबाव में नहीं बनाया गया है। उन्होंने मेघना गुलजार, फिल्म के राइटर्स और प्रोड्यूसर्स की इसलिए तारीफ की, वो इस तरह की शानदार कहानी को ईमानदारी से पेश की।

पृथ्वीराज सुकुमारन ने कहा कि आज का टाइम ऐसा है, जब फिल्मों की सफलता को बॉक्स ऑफिस से जोड़ा जाता है। बड़े-बड़े स्टूडियोज को ऐसी अच्छी और सच्ची कहानी को पेश करना बेहद जरुरी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 'दायरा' जैसी फिल्में सिर्फ हिंदी सिनेमा में ही नहीं बल्कि देश की दूसरी भाषाओं में भी बननी चाहिए। (टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें: जॉन अब्राहम-रितेश देशमुख संग बंद हुई फिल्म पर Shehnaaz Gill ने तोड़ी चुप्पी, बोलीं- 'अच्छा हुआ मैं...')

'दायरा' करेगी दर्शकों को प्रभावित

पृथ्वीराज सुकुमारन ने आगे बताया कि वो हमेशा ऐसी फिल्में करना चाहते हैं, जिसकी कहानी दर्शकों को प्रभावित करे और वो थिएटर छोड़कर ना जाएं। उनके मुताबिक सिनेमा की ताकत सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है। एक अच्छी फिल्म लोगों को सोचने, सवाल करने और बातचीत करने के लिए मजबूर कर सकती है। उन्होंने कहा कि सिनेमाघरों के माध्यम से लोगों तक बात पहुंचाई जा सकती है और 'दायरा' भी ऐसा करने की कोशिश करती है।

पृथ्वीराज ने 'हनुमान अंश' को लेकर कही ये बात

पृथ्वीराज सुकुमारन ने फिल्म 'हनुमान अंश' को लेकर कहा कि अगर फिल्म के डिस्ट्रीब्यूटर्स ने शुरुआती दिनों के कलेक्शन को देखकर इसे सिनेमाघरों से हटाने का फैसला कर लिया होता, तो शायद यह साल की बड़ी हिट फिल्मों में शामिल नहीं हो पाती। इसका मलतब यह है कि अच्छी फिल्मों पर भरोसा करना चाहिए। उसे दर्शकों तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए क्योंकि कई बार फिल्मों को दर्शक धीरे-धीरे सफलता हासिल करती हैं।

Lalit Kumar
ललित कुमार author

ललित कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एंटरटेनमेंट टीम में बतौर राइटर जुड़े हैं। पत्रकारिता में डिप्लोमा करने के बाद ललित ने एंटरटेनमेंट बीट में अपना करियर शुरू किया और बॉलीवुड, टीवी, वेब सीरीज और सेलेब्रिटी लाइफ से जुड़ी खबरों की गहरी समझ विकसित की। मीडिया में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले ललित एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के ट्रेंड्स, ब्रेकिंग अपडेट्स, फिल्म/वेब सीरीज कवरेज को यूजर-फ्रेंडली अंदाज में पेश करने में माहिर हैं और अबतक 13,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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