क्रिकेट

'अगर मैं नतीजों पर गौर करूं तो...', वरुण चक्रवर्ती ने खराब दौर से उबरने का बताया बड़ा आसान फॉर्मूला

अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर एक विकेट लिया। चक्रवर्ती से पूछा गया कि जब उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती चरण की तुलना में उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा, तो वह इससे कैसे निपटे।

Image

वरुण चक्रवर्ती ने खराब समय से उबरने का बताया फॉर्मूला। फाइल फोटो

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के स्टार स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने प्रतिकूल परिस्थितियों में भी ’प्रक्रिया’ (प्रोसेस) को सर्वोपरि रखते हुए ’परिणामों (रिजल्ट) पर प्रतिक्रिया न करने’ की कला सीख ली है। अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुके इस 35 वर्षीय स्पिनर का टी20 विश्व कप में प्रदर्शन अपेक्षित नहीं रहा। हालांकि, भारत ने खिताब जीता था। आईपीएल और इंग्लैंड में खेली गई टी20 सीरीज में भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। चोटिल होने के कारण उन्हें इंग्लैंड दौरा बीच में ही छोड़ना पड़ा था।

अफगानिस्तान के खिलाफ खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में चक्रवर्ती ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर एक विकेट लिया। चक्रवर्ती से पूछा गया कि जब उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के शुरुआती चरण की तुलना में उनका प्रदर्शन उतना अच्छा नहीं रहा, तो वह इससे कैसे निपटे।

'मैं प्रोसेस पर ध्यान देता हूं'

चक्रवर्ती ने कहा, आप परिणामों की बात कर रहे हैं। मैं परिणामों के आधार पर निर्णय नहीं ले सकता। अगर मैं परिणामों के आधार पर निर्णय लूंगा, तो मैं छोटी-छोटी बातों पर प्रतिक्रिया देने लगूंगा। अगर परिणाम मेरे पक्ष में होंगे तो मैं बहुत खुश हो जाऊंगा। अगर परिणाम मेरे अनुकूल नहीं रहे, तो मैं बहुत दुखी हो जाऊंगा। मैं इस तरह से फैसला नहीं कर सकता। इसलिए मेरे लिए सबसे अच्छा तरीका यही है कि मैं प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित रखूं।

'यही नियम है'

उन्होंने कहा, अगर गेंद अच्छी है और फिर भी उससे विकेट नहीं मिलता तो तब भी मैं उस पर कायम रहूंगा। लेकिन अगर गेंद खराब है और उस पर विकेट मिल जाता है, तो मुझे जाकर उस पर दोबारा काम करना होगा। यही नियम है। आपने कहा कि सब कुछ विकेट हासिल करने से जुड़ा है लेकिन ऐसा नहीं है। महत्वपूर्ण यह है कि मैं सही जगह पर गेंदबाजी कर रहा हूं या नहीं। उसके बाद जो भी होता है, वह मेरे नियंत्रण में नहीं है। गेंद फेंकने के बाद वह टर्न लेती है या नहीं, यह मेरे नियंत्रण में नहीं है। मैं परिणामों पर ध्यान नहीं देता।

ले चुके हैं 75 विकेट

चक्रवर्ती ने 49 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 75 विकेट लिए हैं। उनका मानना है कि किसी खिलाड़ी के प्रदर्शन का मापदंड केवल विकेटों की संख्या से ही नहीं होना चाहिए। चक्रवर्ती ने कहा कि भले ही इंग्लैंड दौरा उनके लिए अनुकूल नहीं रहा लेकिन उससे भी उन्हें काफी कुछ सीखने को मिला। उनका मानना है कि चोटों को लेकर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए।

    Umesh Kumar
    उमेश कुमारauthor

    उमेश कुमार पत्रकारिता में पिछले 7 वर्षों से सक्रिय हैं। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से करने के बाद उन्होंने डिजिटल मीडिया में बतौर स्पोर्ट्स राइटर अपनी मजबूत पहचान बनाई। उमेश ने अमर उजाला (प्रिंट), ईटीवी भारत (हैदराबाद), दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे संस्थानों के साथ काम किया है। उमेश ने क्रिकेट की कई बायलेटरल सीरीज, आईपीएल, वर्ल्ड कप, प्रो कबड्डी लीग, फीफा वर्ल्ड कप, हॉकी वर्ल्ड कप और ओलंपिक जैसे बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को कवर किया है। खेलों की गहरी समझ और डेटा-ड्रिवन स्टोरीटेलिंग उनकी लेखनी की खासियत है।

    और पढ़ें
    End of Article