Raisen MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन जिला जेल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को तार-तार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। जेल में बंद एक विचाराधीन कैदी ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर को गोली मार दी। घटना के बाद फैली अफरा-तफरी के बीच गंभीर रूप से घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया गया है।
फलों की टोकरी और साजिश का जाल
जानकारी के मुताबिक, जेल परिसर में स्कूली बच्चों का एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होना था। इसी दौरान कैदी नीलेश निर्वेदी फलों की टोकरी उठाने के बहाने जेल के मुख्य द्वार के पास आया था। आरोप है कि नीलेश जेल का गेट खुलवाकर भागने की फिराक में था। इसी बीच, जेल के बाहर मौजूद उसके किसी अज्ञात साथी ने बाउंड्री से कट्टा अंदर फेंका। कट्टा हाथ में आते ही नीलेश ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर तान दिया और गेट खोलने का दबाव बनाने लगा। प्रहरी द्वारा विरोध करने पर कैदी ने उन पर सीधी गोली चला दी, जिससे वे लहूलुहान होकर गिर पड़े।
307 का आरोपी है हमलावर कैदी
हमलावर कैदी नीलेश बरेली के पास स्थित दिमाड़ा गांव का निवासी है। वह पहले से ही हत्या के प्रयास (धारा 307) के एक मामले में विचाराधीन कैदी के रूप में रायसेन जेल में बंद है। इस वारदात ने जेल के अंदर हथियार पहुंचने और सुरक्षा में बरती जा रही गंभीर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
जेल मुख्यालय का सख्त एक्शन: कार्यवाहक अधीक्षक निलंबित
जेल के भीतर हुए इस जानलेवा हमले और सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक को गंभीरता से लेते हुए जेल मुख्यालय ने त्वरित कार्रवाई की है। मुख्यालय ने रायसेन जेल सुप्रीटेंडेंट आर.के. चौरे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस घटना के बाद से ही जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस कट्टा फेंकने वाले अज्ञात साथी की तलाश में जुट गई है और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
