Javed Akhtar on Indian Passport: विदेश मंत्रालय (MEA) ने हाल ही में ये कहा है कि भारतीय पासपोर्ट मुख्य रूप से विदेश यात्रा के लिए दिया जाता है। यह अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम सबूत नहीं माना जाता। सरकार का कहना है कि किसी व्यक्ति की नागरिकता का फैसला नागरिकता कानूनों और अन्य जरूरी सरकारी दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है, सिर्फ पासपोर्ट के आधार पर नहीं। अब इस बयान पर लोग सवाल उठा रहे है। बॉलीवुड के फेमस स्क्रीन राइटर जावेद अख्तर (Javed Akhtar) ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के बयान को बेतुका बताया है। (टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें-बॉलीवुड स्टार्स क्यों नहीं बोलते सरकार के खिलाफ, जावेद अख्तर ने कहा- 'लोगों की फाइलें निकल जाएगी.....)
जावेद अख्तर ने उठाया सवाल
जावेद अख्तर ने विदेश मंत्रालय (MEA) के उस बयान पर सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया था कि पासपोर्ट नागरिकता का प्रमाण नहीं बल्कि एक ट्रेवल डॉक्यूमेंट है। जावेद अख्तर ने इस बयान को हैरान करने वाला बताते हुए कहा कि अगर पासपोर्ट नागरिकता का सबूत नहीं है, तो क्या सरकार बिना जांच किए ही लोगों को पासपोर्ट जारी कर रही है कि वे भारतीय नागरिक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इस तर्क को 'बेतुका' बताया। जावेद ने एक्स पर लिखा, 'विदेश मंत्रालय का कहना है कि पासपोर्ट यात्रा के लिए एक दस्तावेज है, न कि नागरिकता का सबूत सच में??? तो क्या वे कुछ लोगों को यह यात्रा दस्तावेज जांच किए बिना दे रहे हैं कि वह भारतीय नागरिक है या नहीं?? यह बेतुका है।'

जावेद अख्तर ने उठाया सवाल (pic credit-instagram)
जावेद अख्तर ने कही ये बात
जावेद अख्तर के इस बयान पर लोगों ने जमकर रिएक्ट किया है। जब कुछ लोगों ने उन्हें याद दिलाया कि आधार कार्ड, वोटर आईडी और पैन कार्ड भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माने जाते, तो जावेद अख्तर ने कहा कि ऐसे में सवाल उठता है कि अवैध प्रवासियों को सिस्टम में मदद कौन कर रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि अगर कोई भी दस्तावेज नागरिकता साबित नहीं करते, तो असली और फर्जी नागरिकों में फर्क कैसे किया जाएगा। बताते चलें कि जावेद अख्तर ने वैसे तो सलीम खान के साथ मिलकर कई हिट फिल्में लिखी है। इस लिस्ट में शोले से लेकर दीवार तक के नाम शामिल है।
