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लाख रुपये से भी कम बजट में बनी है ये एक्शन मूवी, निर्देशक ने कास्ट को फीस की जगह खिलाए था नूडल्स और मोमोज

  • Agency by: Agency
  • Updated Oct 14, 2022, 09:07 PM IST

आज हम आपको ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे बनाने में एक लाख से भी कम का खर्च आया था। इतना ही नहीं इस फिल्म में काम करने वाले लोगों को फीस की जगह पर डायरेक्टर ने खिलाए थे मोमोज और नूडल्स।

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kenny basumatary local kung fu

आज के समय में किसी भी फिल्म को बनाने और उसके कास्ट की पेमेंट करने में करोड़ों का खर्च आता है। प्रोड्यूसर्स फिल्म को बनाने में पानी की तरह पैसा बहाते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी फिल्म के बारे में बता रहे हैं जिसे बनाने की लागत एक लाख रुपये से भी कम आई थी। इतना ही नहीं इस फिल्म की कास्ट को फीस की जगह निर्देशक ने नूडल्स और मोमोज खिलाए थे। भले ही आपको इस बात पर यकीन नहीं हो रहा हो। लेकिन ये एक दिलचस्प कहानी है। इस फिल्म को बनाने की कहानी बेहद दर्दभरी है। आइए जानते हैं कौन सी है ये फिल्म और क्या है इसकी दिलचस्प कहानी?

हम आपको असमी फिल्म लोकल कुंग फू (local kung fu) के बारे में बता रहे हैं, जिसे Kenny Basumatary ने डायरेक्ट किया था। ये एक मॉर्शल आर्ट कॉमेडी फिल्म थी, जो साल 2013 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म को बनाने में एक लाख से भी कम की लागत आई थी। फिल्म की कहानी कुंग फू की प्राचीन कला से प्रभावित थी। इसकी कहानी में प्यार से लेकर कॉमेडी का भरपूर डोज था। हालांकि इस फिल्म में कोई हीरो नहीं था। इस फिल्म में काम करने वाले सभी लोग मार्शल आर्ट्स के स्टूडेंट्स थे। सभी ने बिना किसी केबल या मदद के सभी एक्शन सीन्स को खुद किया था।

फिल्म की कास्ट को फीस की जगह मोमोज और नूडल्स मिले थे

दरअसल कोई भी एक्टर केनी की इस फिल्म में काम नहीं करना चाहता था। इसके बाद उन्हें मजबूरन 20 लोगों को लेकर फिल्म बनानी पड़ी, जिनका एक्टिंग से कोई वास्ता नहीं था। फिल्म की शूटिंग 100 दिनों में पूरी हुई थी। बॉलीवुड में इस फिल्म को प्रोड्यूस करना चाहते थे केनी लेकिन उनका मुंबई में उनके साथ अच्छा अनुभव नहीं रहा, जिसके बाद उन्होंने अपने सपने को गुवाहाटी में पूरा किया।

केनी के पास भले ही पैसे नहीं थे लेकिन अपने सपने को पूरा करने का जज्बा था। उन्होंने अपने परिवार से कुछ पैसे इकट्ठे किए। उन्होंने 95 हजार रुपये से फिल्म की शूटिंग पूरी की। उनके पास कास्ट को पेमेंट देने तक के पैसे नहीं थे, इसलिए फीस की जगह वो फिल्म की कास्ट को मोमोज और नूडल्स खिलाते थे। फिल्म ने असम में खूब धमाल मचाया। फिल्म को IDMB में 8.3 रेटिंग मिली। लोकल कुंग फू के दूसरे पार्ट को भी केनी ने लोगों से चंदा इकट्ठा करके पूरा किया था। फिल्म के दूसरे पार्ट ने भी असम बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया था।

प्रियंका झा
प्रियंका झाauthor

मेरा नाम प्रियंका झा है। मैं टाइम्स नाऊ नवभारत में बतौर सीनियर कॉपी राइटर साल 2022 से जुड़ी हुई हूं। मीडिया में मुझे काम करने का 4 साल से ज्यादा का अनुभव है। मैंने अपने करियर की शुरूआत टीवी 9 भारतवर्ष से बतौर सब एडिटर की थी। इसके अलावा बतौर कंटेंट राइटर मैं कुछ महीनों इनशॉट्स टीम का हिस्सा भी रहीं हूं । मुझे हेल्थ और मनोरंजन की खबरें पढ़ने और लिखने में दिलचस्पी है। मैंने अपने करियर में हेल्थ, लाइफस्टाइल और मनोरंजन जैसी अलग-अलग बीट्स पर काम किया है। मैंने दिल्ली विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके अलावा मैंने भारतीय विद्या भवन से पब्लिक रिलेशन में डिप्लोमा और गुरु जाम्बेश्वर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री ली है।

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