pathaan controversy: शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की फिल्म पठान की रिलीज पर इन दिनों संकट के बादल मंडरा रहे हैं। लगातार फिल्म कई कॉन्ट्रोवर्सी में घिर रही है। फिल्म के गानों, बोल्ड सीन्स और दीपिका पादुकोण की भगवा बिकिनी पर काफी हंगामा मचा हुआ है। फिल्म के खिलाफ दिन ब दिन लोगों का गुस्सा भड़कता ही जा रहा है। अब लोगों के इस विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ फिल्म फेडरेशन भी उठ खड़ा हुआ है। द फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने इम्पलॉइज यानि एफडब्ल्यूआईसीई (FWICE) ने हाल ही में सरकार से इस बायकॉट ट्रेंड के खिलाफ कदम उठाने की अपील की है।
बीते दिनों देश के कई राज्यों में फिल्म के खिलाफ राजनीतिक संगठनों ने थियेटर्स में जमकर तोड़फोड़ की। साथ ही फिल्म की रिलीज न होने देने की थियेटर्स मालिकों को धमकी भी दी थी। सरकार से शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण स्टारर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद की फिल्म पठान की रिलीज सुनिश्चित कराने के लिए फेडरेशन ने सरकार से अपील पर कहा कि फिल्मों से सिर्फ सितारे ही नहीं, बल्कि लाखों छोटे वर्कर्स और टेक्नीशियन्स की रोजी-रोटी जुड़ी होती है। ऐसे में फिल्मों का बायकॉट करना इंडस्ट्री में काम करने वाले लाखों लोगों के रोजगार को प्रभावित करता है। फेडरेशन ने कहा कि ऐसे में सरकार बायकॉट ट्रेंड पर लगाम लगाए।
जैसा कि हम जानते हैं फिल्म को बनने के बाद सेंसर बोर्ड की नजर से गुजरना होता है। अगर किसी को फिल्म से शिकायत है तो इसके लिए सेंसर बोर्ड को लिखा जा सकता है। मगर किसी खास एजेंडे के चलते किसी फिल्म को थियेटर्स पर चलने न देना बेहद खतरनाक तरीका है। इस पर सरकार लगाम लगाए।
