Bollywood Throwback: शम्मी कपूर का घर नहीं तोड़ना चाहती थीं मुमताज, बना ली थी दूरियां, सालों बाद शम्‍मी की पत्‍नी ने किया था पार्टी में इनवाइट

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 26, 2021, 03:10 PM IST

Bollywood Throwback story: शम्‍मी कपूर के साथ रिलेशनशिप में थीं मुमताज। वह उनसे शादी करना चाहते थे, लेकिन मुमताज ने यह प्रस्‍ताव ठुकरा दिया था और उनसे ब्रेकअप के बाद दूरियां बना ली थीं। इस बात का खुलासा खुद अदाकारा ने एक इंटरव्‍यू में किया था।

Bollywood Throwback: शम्मी कपूर का घर नहीं तोड़ना चाहती थीं मुमताज, बना ली थी दूरियां, सालों बाद शम्‍मी की पत्‍नी ने किया था पार्टी में इनवाइट

Mumtaz kept distance with Shammi Kapoor: गुजरने जमाने की मशहूर अदाकारा मुमताज एक समय पॉपुलर एक्‍टर शम्मी कपूर के साथ रिलेशनशिप में थीं। उस वक्‍त वह एक टीनेजर थीं। शम्‍मी कपूर उनसे शादी करना चाहते थे, लेकिन उन्‍होंने यह प्रस्‍ताव ठुकरा दिया था। शम्‍मी कूपर शादीशुदा थे। मुमताज उनका घर नहीं तोड़ना चाहती थीं। उन्‍होंने ब्रेकअप के बाद उनसे दूरियां बना ली थी, लेकिन सालों बाद शम्‍मी कपूर की पत्‍नी नीला देवी ने उन्‍हें खुद एक पार्टी के लिए इनवाइट किया था। इसका खुलासा खुद मुमताज ने एक इंटव्‍यू में किया था। 

याहू को दिए एक इंटरव्‍यू में मुमताज ने बताया था कि वह शम्मी कपूर से उनके ब्रेकअप के बाद दूरियां बना ली थी। उन्होंने कहा, "शम्‍मी कपूर ने नीला देवी से शादी की थी। मैं किसी की शादी तोड़ने वाली लड़की नहीं हूं। मैं दूर रहीं, लेकिन शम्‍मी कपूर के निधन से कुछ साल पहले,  उनके 74वें  जन्मदिन के लिए एक पार्टी के लिए मुझे नीला जी का फोन आया।"

मुमताज ने बताया, 'उन्‍होंने कहा, 'मैं नीला बोल रही हूं। शम्मी जी की 74वीं बर्थडे पार्टी है। उन्होंने खास कहा है कि  मुमताज से कहना कि वो पार्टी में जरूर आए। मैं नीला जी के इस कदम की सराहना करती हूं। मैं वास्तव में उनका सम्मान करता हूं। शम्मी जी भाग्यशाली थे कि उन्हें उनके जैसी पत्नी मिली। तब मैं मुंबई में थी। मैं अपनी दोस्त आशा पटेल (अभिनेत्री अमीषा पटेल की मां) के साथ गई थी।”

मुमताज और शम्‍मी कपूर ने साथ में वल्लाह क्या बात है (1962) और ब्रह्मचारी (1968) समेत कई फिल्में की हैं। मुमताज ने 11 साल की उम्र में फिल्म सोने की चिड़िया (1958) से बॉलीवुड में अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह दो रास्ते, बंधन और आदमी और इंसान (1969), सच्चा झूठा (1970) और खिलोना (1970) जैसी फिल्मों में नजर आईं। तब तक वह हिंदी फिल्म जगत की सबसे लोकप्रिय अदाकाराओं में से एक बन गईं। 

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