सोशल एंटरटेनर बने आयुष्मान खुराना, बोले- 'मैंने हमेशा विश्वास किया है कि मैं नहीं बल्कि मेरा काम बोले...'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 17, 2021, 02:49 PM IST

Ayushmann Khurrana social entertainers: आयुष्मान ने बताया- आज जो कुछ भी मेरी पहचान है, वह विशेष रूप से सोशल एंटरटेनर के तौर पर मेरी सफलता की वजह से है। जिसने मुझे भारत के लोगों से जोड़ा है

सोशल एंटरटेनर बने आयुष्मान खुराना, बोले- 'मैंने हमेशा विश्वास किया है कि मैं नहीं बल्कि मेरा काम बोले...'

बॉलीवुड स्टार आयुष्मान खुराना की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है क्योंकि उन्होंने सिनेमाघरों में बैक टू बैक आठ हिट फिल्में दी हैं। सोशल एंटरटेनर के रूप उनकी बढ़ती विश्वसनीयता ने उन्हें देश के सबसे अधिक डिमांड वाले ब्रांड एंडोर्सर्स में शामिल कर दिया है। अब, आयुष्मान को एक मोबाइल फोन ब्रांड ने अपना चेहरा बनाया है।

जैसा कि हम सब जानते हैं, मोबाइल फोन और बैंकिंग दो ऐसे क्षेत्र हैं जहां कलाकार के चेहरे की विश्वसनीयता बेहद मायने रखती है। हाल ही में मोबाइल फोन ब्रांड्स ने रॉबर्ट डाउनी जूनियर और विराट कोहली जैसे सुपरस्टार्स को साइन किया है। ऐसे में मोबाइल फोन ब्रांड द्वारा आयुष्मान को अपना चेहरा बनाया जाना निश्चित तौर पर उनकी विश्वसनीयता बढ़ने का साइन है।

ऐसी कौन सी खूबी है जो उन्हें इतना ब्रांड फ्रेंडली बनाती है? इस पर आयुष्मान ने बताया, 'आज जो कुछ भी मेरी पहचान है, वह विशेष रूप से सोशल एंटरटेनर के तौर पर मेरी सफलता की वजह से है। जिसने मुझे भारत के लोगों से जोड़ा है। मेरी फिल्मों ने लोगों को बताया है कि मैं कौन हूं, कैसा सोचता हूं और एक एंटरटेनर के तौर पर मेरा उद्देश्य क्या है। सोचकर अच्छा लगता है कि ब्रांड्स ने इसको नोटिस किया है और वास्तविक लोगों की असली कहानियों को पेश करने की मेरी कोशिश के विचार से जुड़े हैं। इस बात को लेकर मैं रोमांचित महसूस कर रहा हूं कि एक नरेटिव के साथ दर्शकों तक पहुंचने के लिए मैं ब्रांड के विजन और उनके सफर का हिस्सा हूं। मैं शुक्रगुजार हूं कि मेरी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है और उन्हें लोगों का प्यार व तारीफें भी मिली हैं।'

आयुष्मान कहते हैं कि वह खुशकिस्मत रहे हैं कि उन्हें सही फिल्में मिलीं जो बहुत बड़ी हिट साबित रहीं। उनका मानना है कि सफलता हमेशा इक्विटी में तब्दील होती है। आयुष्मान कहते हैं, 'मैंने हमेशा इस सोच में विश्वास किया है कि मैं नहीं बल्कि मेरा काम बोले। मैं उन प्रोजेक्ट्स को चुनने के लिए भाग्यशाली रहा हूं, जिन्होंने भारत में सिनेमा किस तरह यूनिक, लीक को तोड़ने वाला, बातचीत को शुरू करने वाला एंटरटेनर हो सकता है, इस मान्यता को स्थापित करने में योगदान दिया है, जिन्हें कहानियों को बयां करने के लिए रूढ़िवादी मानदंडों का पालन करने की जरूरत नहीं है।'

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