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प्रशांत किशोर के बाद BJP को कितनी सीटें दे रहे योगेंद्र यादव? फिर से INDIA गठबंधन के लिए बुरी खबर

Yogendra Yadav Poll Prediction: योगेंद्र यादव ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी, एनडीए के घटक दलों की मदद से तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब होगी। वहीं, कांग्रेस को 85 से 100 और इंडिया गठबंधन को 120 से 135 सीटें मिल सकती हैं। प्रशांत किशोर ने योगेंद्र यादव की चुनावी भविष्यवाणी का समर्थन किया है।

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चुनाव विश्लेषज्ञ योगेंद्र यादव

Photo : BCCL

Yogendra Yadav Poll Prediction: लोकसभा चुनाव अपने अंतिम पड़ाव में पहुंच चुका है। छठे चरण के आज मतदान हो रहे हैं और 1 जून को सातवें चरण की वोटिंग होते ही आम चुनाव पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इसके बाद सभी को इंतजार 4 जून का होगा, इसी दिन चुनाव आयोग आम चुनाव के नतीजे जारी करेगा। लेकिन इससे पहले ही नई सरकार को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बड़े-बड़े राजनीतिक विशेषज्ञ कई तरह के दावे कर रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर तो पहले ही भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में अपना पूर्वानुमान जारी कर चुके हैं। अब जाने-माने चुनाव विशेषज्ञ योगेंद्र यादव ने भी आम चुनाव को लेकर भविष्यवाणी कर दी है।

योगेंद्र यादव ने दावा किया है कि भारतीय जनता पार्टी, एनडीए के घटक दलों की मदद से तीसरी बार सरकार बनाने में कामयाब होगी। हालांकि, उन्होंने बीजेपी के '400 पार' के दावे के पक्ष में अपने आंकड़े नहीं दिए हैं। योगेंद्र यादव के मुताबिक, बीजेपी अकेले 240 से 260 सीटें जीत सकती है। इसके अलावा बीजेपी के सहयोगी दल 35 से 45 सीटों पर जीत हासिल क सकते हैं। ऐसे में पूरी एनडीए 275 से 305 के बीच पहुंच जाएगी, जो बहुमत के आंकड़े के लिए काफी है। बता दें, इससे पहले प्रशांत किशोर भी कह चुके हैं कि बीजेपी के लिए अपने दम पर 370 सीटें हासिल करना असंभव होगा और निश्चित रूप से एनडीए 400 पार हासिल नहीं कर सकेगी।

योगेंद्र यादव का चुनावी पूर्वानुमान:

भाजपा+
भाजपा 240-260
एनडीए 35-45
कुल275 -305
कांग्रेस+
कांग्रेस 85-100
इंडिया गठबंधन 120-135
कुल205-235

कांग्रेस के लिए बस इतनी खुशखबरी

योगेंद्र यादव की ओर से जारी किए गए चुनावी पूर्वानुमान के मुताबिक, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 85 से 100 और इंडिया गठबंधन को 120 से 135 सीटें मिल सकती हैं। बता दें, 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस को केवल 52 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। दअरसल, एक इंटरव्यू में प्रशांत किशोर पहले ही कह चुके हैं कि पीएम मोदी के खिलाफ लोगों में कोई व्यापक गुस्सा नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि भाजपा को उत्तर और पश्चिम में कोई बड़ा झटका नहीं लग रहा है।दक्षिण और पूर्व में उसकी सीटें बढ़ रही हैं।

प्रशांत किशोर ने किया समर्थन

योगेंद्र यादव के चुनावी आंकलन को प्रशांत किशोर ने भी अपना समर्थन दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "देश में चुनाव और सामाजिक राजनीतिक विषयों की समझ रखने वालों में एक विश्वसनीय चेहरा योगेंद्र यादव जी ने लोकसभा चुनाव को लेकर का अपना फ़ाइनल आकलन साझा किया है। योगेन्द्र जी के मुताबिक इन चुनावों में बीजेपी को 240-260 और एनडीए की साथी दलों को 35-45 सीटें मिल सकती हैं। मतलब बीजेपी/एनडीए को 275-305 सीटें। देश में सरकार बनाने के लिए 272 सीटें चाहिए और वर्तमान लोकसभा में BJP/NDA की 303/323 सीटें हैं। शिवसेना ने भी एनडीए का हिस्सा रहते हुए 18 सीटें जीती थीं। अब ख़ुद आकलन कर लीजिए कि किसकी सरकार बन रही हैं। बाक़ी 4 जून को पता चल जाएगा कि कौन किसकी बात कर रहा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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