Congress Alleges Vote Chori in Bihar Election: बिहार चुनाव में मिली प्रचंड हार को कांग्रेस पचा नहीं पा रही है। करारी हार के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर वोट चोरी का मुद्दा उठाया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने एनडीए की जीत को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और चुनाव आयोगी की साजिश बताया है। बता दें कि बिहार चुनाव में एनडीए ने जबरदस्त वापसी की है और 200 के करीब सीटें जीतने की ओर अग्रसर है। महागठबंधन करीब 30-32 सीटों पर सिमटता दिख रहा है।
जयराम ने उठाया 'वोट चोरी' का मुद्दा
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि इसमें कोई संदेह नहीं कि बिहार के चुनाव परिणाम बड़े पैमाने पर 'वोट चोरी' को दर्शाते हैं जिसकी साजिश प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने रची है। कांग्रेस संविधान की रक्षा और लोकतंत्र को बचाने के अपने अभियान को और भी मजबूती से जारी रखने का संकल्प दोहराती है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बिहार की जनता के फैसले का सम्मान करते हुए, उनकी पार्टी उन ताकतों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी जो संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके लोकतंत्र को कमजोर करने में लगी हैं। खड़गे ने X पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा कि हम चुनाव परिणामों का गहन अध्ययन करेंगे और परिणामों के कारणों को समझने के बाद एक विस्तृत परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करेंगे। हम बिहार के उन मतदाताओं के तहे दिल से आभारी हैं जिन्होंने महागठबंधन का समर्थन किया।
खड़गे बोले- निराश होने की कोई जरूरत नहीं
उन्होंने कहा, मैं हर कांग्रेस कार्यकर्ता से कहना चाहता हूं कि आपको निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। आप हमारा गौरव, सम्मान और गौरव हैं। आपकी मेहनत ही हमारी ताकत है। हम लोगों में जागरूकता बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हम लोगों के बीच रहकर संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे। यह लड़ाई लंबी है - और हम इसे पूरी लगन, साहस और सच्चाई के साथ लड़ेंगे।
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने कहा, बिहार के चुनाव परिणाम निस्संदेह बड़े पैमाने पर वोट चोरी को दर्शाते हैं - जिसकी साजिश प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग ने रची है। रमेश ने कहा, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस संविधान की रक्षा और हमारे लोकतंत्र को बचाने के अपने अभियान को और भी मज़बूती से जारी रखने का संकल्प दोहराती है।
बिहार विधानसभा चुनावों में एनडीए ने शुक्रवार को 243 में से 200 से अधिक सीटों पर बढ़त हासिल कर ली, जबकि भाजपा लगभग 90 प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और प्रचार क्षमता की पुष्टि हुई।
