Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में सात सांसदों के नाम भी शामिल हैं। इस लिस्ट की घोषणा होने के साथ ही बीजेपी में स्थानीय लेवल पर बगावत देखने को मिल रही है। बाहरी को मुद्दा बनाकर कुछ नेता, बागी बन गए हैं। मंगलवार को बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं ने बीजेपी ऑफिस का भी घेराव किया। इनके तेवर को देखते हुए राजनीतिक गलियारों में चर्चा होने लगी है कि कहीं ये बागी बीजेपी की जीत की राह में रोड़ा न बन जाएं।
राजपाल सिंह शेखावत हुए बागी
भाजपा ने झोटवाड़ा विधानसभा सीट से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को उम्मीदवार बनाया है। इससे इस सीट से पार्टी की ओर से चुनाव लड़ते रहे पूर्व विधायक राजपाल सिंह शेखावत के समर्थक विरोध पर उतर आए हैं। शेखावत के समर्थकों ने झोटवाड़ा सीट बचाने के लिए 'पैराशूट' उम्मीदवार हटाओ के नारे लगाए। उनके समर्थकों के विरोध प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पूर्व मंत्री शेखावत को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है और टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने सोमवार देर रात राजे से मुलाकात भी की थी। शेखावत ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी के 41 उम्मीदवारों की सूची में से 10 बागी हैं।
कई और बागियों ने ठोका ताल
भाजपा ने कोटपूतली सीट पर हंसराज पटेल को टिकट दिया है। 2018 के विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाले मुकेश गोयल के समर्थकों ने पटेल की उम्मीदवारी के खिलाफ विरोध प्रकट करने के लिए पार्टी के झंडे जलाए। गोयल ने कहा- "कोटपूतली में भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा और वह राजस्थान में 40-50 सीट पर सिमट जाएगी।" इसी तरह पूर्व मंत्री रोहिताश शर्मा ने भी भाजपा की टिकट घोषणा के खिलाफ बगावत कर दी है। उन्हें बानसूर विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिलने की उम्मीद की थी, लेकिन भाजपा ने यहां से देवी सिंह शेखावत को टिकट दिया है। शर्मा ने कहा-"लोगों को टिकट वितरण प्रणाली से विचलित होने की जरूरत नहीं है। पहले भी लोगों को जाति और धनबल के आधार पर टिकट मिला, लेकिन वे हारे।"
'ईमानदारी से मेहनत'
पिछले विधानसभा चुनाव में किशनगढ़ से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले विकास चौधरी का नाम भी इस सूची में नहीं है। भाजपा ने यहां से अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी को मैदान में उतारा है। पार्टी की सूची जारी होने के बाद चौधरी ने 'एक्स' पर लिखा- "मैंने ईमानदारी से मेहनत की थी।" चौधरी ने मंगलवार को किशनगढ़ में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि जनता-जनार्दन का आदेश सर्वमान्य है, वे उसी के अनुसार चलेंगे।
चुनाव लड़ने का ऐलान
भरतपुर के नगर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहीं अनिता सिंह ने संकेत दिया कि पार्टी का टिकट नहीं मिलने के बावजूद वह चुनाव लड़ेंगी। सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा- "क्या मान कर मुझे भाजपा ने अपने से दूर किया है। ऐसे व्यक्ति को टिकट दिया है जिसकी जमानत जब्त होगी।" अनिता सिंह भी पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खेमे की बताई जाती हैं।
यहां भी आशंका
भाजपा ने नगर विधानसभा सीट से जवाहर सिंह बेडम को मैदान में उतारा है। बेडम ने 2018 का विधानसभा चुनाव कामां सीट से लड़ा, लेकिन हार गए। भाजपा ने विद्याधर नगर से मौजूदा विधायक नरपत सिंह राजवी को भी उम्मीदवारों की पहली सूची में जगह नहीं दी है। पार्टी ने इस सीट पर राजसमंद से सांसद दीया कुमारी को उतारा है। राजवी ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। पांच बार के विधायक राजवी पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के दामाद हैं।
