Kolathur Assembly Seat Result: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्तारूढ़ डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन कोलाथुर से चुनाव हार गए। थलपति विजय की पार्टी टीवीके के उम्मीदवार वीएस बाबू ने स्टालिन को उन्हीं के गढ़ में मात दे दी। कोलाथुर को स्टालिन का अभेद्य किला माना जाता था। वह कोलाथुर से 2011, 2016 और 2021 का चुनाव जीतकर 'हैट्रिक' लगा चुके हैं, लेकिन चौथी बार स्टालिन को अपने पुराने साथी वीएस बाबू के हाथों हार का सामना करना पड़ा।
कोलाथुर विधानसभा सीट
साल 2011 में अस्तित्व में आई कोलाथुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व स्टालिन कर रहे थे। वह लगातार यहां से चुनाव जीतते रहे हैं, लेकिन इस बार उन्हें किस्मत का साथ नहीं मिला। पिछले विधानसभा चुनाव में स्टालिन को कोलाथुर में 60 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे, लेकिन 2026 में स्टालिन न तो सत्ता बरकरार रख पाने में कामयाब हुए और न ही अपनी सीट बचा पाए।
कौन हैं बीएस बाबू
बीएस बाबू की गिनती कभी एमके स्टालिन के वफादारों में हुआ करती थी। 75 वर्षीय बीएस बाबू डीएमके से विधायक रह चुके हैं। इसके अलावा, जब कोलाथुर सीट अस्तित्व में आई थी तब बीएस बाबू ने स्टालिन के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारी संभाली थी। हालांकि, बाद में बीएस बाबू ने डीएमके का साथ छोड़कर एआईएडीएमके का दामन थाम लिया था, लेकिन मौजूदा चुनाव से पहले वह टीवीके में शामिल हो गए और थलपति यह जानते थे कि बीएस बाबू को आखिर किस सीट से उतारा जाए।
कितने वोट से हारे स्टालिन
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, टीवीके उम्मीदवार वीएस बाबू को 82,997 वोट हासिल हुए, जबकि स्टालिन के पक्ष में 74,202 वोट पड़े। कोथापुर में 22 राउंड की काउंटिंग के बाद बीएस बाबू ने स्टालिन के खिलाफ 8795 मतों के अंतर से जीत दर्ज की।
तमिलनाडु में थलपति की 'विजयगाथा'
टीवीके के राष्ट्रीय प्रवक्ता फेलिक्स जेराल्ड ने भरोसा जताया कि पार्टी पूर्ण बहुमत हासिल कर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता पारंपरिक पार्टियों से नाराज है और अब टीवीके को एक मजबूत विकल्प के रूप में देख रही है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, टीवीके 109 सीटों पर आगे चल रही है, जबकि सत्तारूढ़ डीएमके 59 और एआईएडीएमके 45 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
