Bihar Assembly Election: बिहार में चुनावी सरगर्मी बढ़ती नजर आ रही है, विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सभी पार्टियां एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं। लोकसभा चुनाव के बाद कई विधानसभा चुनाव में मिली हार से हतास पड़ी, कांग्रेस खुद को संगठनात्मक तौर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
कृष्णा अल्लावरु ने बिहार के लिए बनाया खास प्लान
AICC प्रभारी के फेरबदल में बिहार को कृष्णा अल्लावरु एक युवा चेहरा प्रभारी के तौर पर मिला। बतौर प्रभारी अल्लावरु पिछले 10 दिनों से बिहार के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। बेगूसराय, आरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा सहित कई जिलो का दौरा करेंगे।
कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु का बिहार दौरा
25 फरवरी - पटना से बेगूसराय के लिए रवाना, बेगूसराय, खगड़िया एवं समस्तीपुर के नेताओं के साथ बैठक होगी।
26 फरवरी - पटना से भोजपुर के लिए प्रस्थान, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर के विधायक, पार्षदों व नेताओं के साथ बैठक।
27 फरवरी - पटना से मुजफ्फरपुर के लिए प्रस्थान, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी के नेताओं पदाधिकारियों के साथ बैठक।
वहीं पटना में पार्टी के नेताओं के साथ हुई में अल्लावरु नेताओं को ये बात कह दी कि टिकट के लाभार्थी पटना दिल्ली करने की जगह अपने क्षेत्र में मजबूती से काम करें।
कांग्रेस ने इंटर्नल सर्वे का काम कानुगोलू को सौंपा
सूत्रों का दावा है कि बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए सुनील कानुगोलू ने अपनी 10 लोगों की टीम इनिशियल तौर पर सर्वे के लिए भेज दी है।
सर्वे के मुख्य सवाल
- पार्टी की मज़बूत सीट कौन-कौन सी है?
- मौजूदा विधायक का रिपोर्ट कार्ड
- RJD से कितनी सीटों पर बातचीत शुरू करनी है
- कांग्रेस ऐसी सीटों पर दावा करना चाहती है, जहां पिछले विधानसभा चुनाव में पार्टी दूसरे नंबर पर रही है।
कांग्रेस के राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले कृष्णा कांग्रेस के विश्वास पर कितना खरे उतरेंगे? इस सवाल का जवाब तो भविष्य में चुनावी नतीजे आने के बाद ही पता चलेगा। लेकिन इतना तय है कि उनकी बिहार की राह आसान नहीं होने वाली है। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। फिलहाल पार्टी राजद नेतृत्व वाले महागठबंधन की सहयोगी है।
