पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का उदय हुआ है। 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने पूरे देश को चौंका दिया है। बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन मॉडल को पूरी तरह नकारते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) को पूर्ण बहुमत सौंपा है। राज्य की 294 सीटों में से 293 के नतीजे आ चुके हैं, जिसमें भाजपा ने 206 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है।
63% मंत्री अपनी सीट नहीं बचा पाए
इन चुनाव परिणामों की सबसे बड़ी हाईलाइट तृणमूल कांग्रेस के दिग्गज मंत्रियों की हार है। चुनावी मैदान में उतरे 35 मंत्रियों में से 22 मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा है। यानी कैबिनेट के लगभग 63% सदस्य जनता का भरोसा खो चुके हैं। हारने वाले मंत्रियों में शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, परिवहन और वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख शामिल हैं।
भवानीपुर में फिर हारीं ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपनी ही पारंपरिक सीट भवानीपुर से हार का सामना करना पड़ा है। भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने उन्हें 15,114 वोटों के अंतर से हराया। यह सुवेंदु अधिकारी के हाथों ममता बनर्जी की लगातार दूसरी हार है; इससे पहले 2021 में उन्होंने नंदीग्राम में ममता को मात दी थी।
हारने वाले प्रमुख चेहरे और अंतर
जनता ने TMC के कद्दावर नेताओं को बड़े अंतर से बाहर का रास्ता दिखाया है:
शशि पांजा (उद्योग व महिला कल्याण मंत्री): भाजपा की पूर्णिमा चक्रवर्ती से 14,600+ वोटों से हारीं।
सिद्दिकुल्लाह चौधरी (अल्पसंख्यक चेहरा): मोंतेश्वर सीट पर भाजपा के सैकत पांजा से 14,700+ वोटों से हारे।
उदयन गुहा (उत्तर बंगाल विकास मंत्री): दिनहाटा सीट से 17,400+ वोटों के अंतर से चुनाव हारे।
प्रदीप मजूमदार (सहकारिता मंत्री): दुर्गापुर पूर्व सीट पर 30,900+ वोटों के भारी अंतर से हार झेलनी पड़ी।
चंद्रिमा भट्टाचार्य (पर्यावरण व वित्त मंत्री): दमदम उत्तर सीट से 26,400+ वोटों से हारीं।
निर्मल माजी (पूर्व मंत्री): गोघाट सीट पर 49,500+ वोटों के विशाल अंतर से हार गए।
TMC को 134 सीटों का भारी नुकसान
2021 के मुकाबले तृणमूल कांग्रेस की स्थिति बेहद खराब रही है। पार्टी महज 81 सीटों पर सिमट गई है, जो पिछली बार की तुलना में 134 सीटों का नुकसान है। अन्य दलों की बात करें तो कांग्रेस को 2, आम जनता उन्नयन पार्टी को 2 और अन्य को 2 सीटें मिली हैं। एक सीट (फालता) पर 21 मई को दोबारा मतदान होगा, जिसके नतीजे 24 मई को आएंगे।
