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पश्चिम बंगाल में बीजेपी उम्मीदवार प्रणत टुडू पर हमला, पत्थरबाजी में सिर फटा, सामने आया खौफनाक VIDEO

West Bengal BJP candidate Pranat Tudu Attacked: ​​​पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम से बीजेपी उम्मीदवार प्रणत टुडु पर हमला हुआ है। इसमें प्रणत टुडु और उनके सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पत्थरबाजी के बीच बीजेपी उम्मीदवार और प्रणत टुडु भागते नजर आ रहे हैं।

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बीजेपी उम्मीदवार प्रणत टुडु पर हमला (स्क्रीन ग्रैब)

West Bengal BJP candidate Pranat Tudu Attacked: लोकसभा चुनाव के छठे चरण के मतदान के बीच पश्चिम बंगाल से एक बार फिर हिंसा की खबर सामने आई है। यहां झाड़ग्राम से बीजेपी उम्मीदवार प्रणत टुडु पर हमला हुआ है। इसमें प्रणत टुडु और उनके सुरक्षाकर्मी घायल हो गए हैं। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पत्थरबाजी के बीच बीजेपी उम्मीदवार और प्रणत टुडु भागते नजर आ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, प्रणत टुडु पर हमला तब हुआ जब वह मतदान के बीच अपने संसदीय क्षेत्र के मोंगलापोटा में बूथ संख्या 200 का दौरा कर रहे थे। आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने इस दौरान उनपर पत्थरबाजी की। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावरों ने वहां मौजूद मीडियाकर्मियों को भी नहीं छोड़ा।

टीएमसी पर लगाया हमले का आरोप

हमले के बाद झाड़ ग्राम लोकसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार प्रणत टुडू कहते हैं ने कहा, हमें जानकारी मिली कि मोंगलापोटा में बीजेपी के वोटरों को वोट नहीं डालने दिया जा रहा है। इसी के चलते हम इस इलाके में ये देखने आए थे कि समस्या क्या है, इसी दौरान यहां करीब 200 लोगों ने हम पर लाठियों, पत्थरों और हथियारों से हमला किया। अगर केंद्रीय बल वहां नहीं होते तो हमारी हत्या हो सकती थी। हमें दीदी की स्थानीय पुलिस से कोई सुरक्षा नहीं मिली।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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