इलेक्शन

By-Election 2024 Voting Updates: यूपी, पंजाब, केरल, उत्तराखंड में विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग समाप्त

Uttar Pradesh, Punjab, Uttarakhand, Kerala By-Election 2024 (यूपी, पंजाब, केरल, उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव वोटिंग) Voting Updates: उत्तर प्रदेश की 9 विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए आज वोटिंग हुई। इसके अलावा पंजाब की 4 विधानसभा सीटों, केरल और उत्तराखंड की एक-एक सीट पर मतदान हो रहे हैं। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ।

Image

यूपी, पंजाब, केरल, उत्तराखंड में विधानसभा उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी।

Assembly By-Election 2024 (उत्तर प्रदेश, पंजाब, केरल, उत्तराखंड विधानसभा उपचुनाव वोटिंग) Voting Updates: उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड और केरल की कुल 15 विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव हुए। यूपी की 9, पंजाब की चार, केरल और उत्तराखंड की एक-एक सीट के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। यदि यूपी की बात की जाए तो, उत्तर प्रदेश में हो रहे उपचुनाव में उतरे 30 प्रतिशत से ज्यादा उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं जबकि 48 फीसद प्रत्याशी करोड़पति हैं। गैर सरकारी संगठन ‘यूपी इलेक्शन वॉच और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर)’ ने अपनी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

चुनाव आयोग के मुताबिक शाम पांच बजे तक मीरापुर में 57.02, मझावन में 50.41, खैर में 46.35, फूलपुर में 43.43, कुंदरकी में 57.32 , करहल में 53.92 और कटेहरी में 56.69 फीसद मतदान हुआ।

लखनऊ : यूपी उपचुनाव में 1 बजे तक 31.46 % मतदान

करहल : 32.29 %

खैर : 28.80 %

मीरापुर : 36.77 %

मंझवा : 31.68 %

गाजियाबाद : 20.92 %

कटेहरी : 36.54 %

कुंदरकी : 41.01 %

फूलपुर : 26.67 %

सीसामऊ : 28.50 %

विधानसभा उपचुनाव में सुबह 9 बजे तक मतदान

पलक्कड़ (केरल) 12.63%

चब्बेवाल (पंजाब) 4.15%

गिद्दड़बाहा (पंजाब) 15.11%

डेरा बाबा नानक (पंजाब) 9.70%

बरनाला (पंजाब) 6.80%

गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) 5.36%

शीशमऊ (उत्तर प्रदेश) 5.73%

मझावां (उत्तर प्रदेश) 10.55%

मीरापुर (उत्तर प्रदेश) 13.01%

खैर (उत्तर प्रदेश) 9.03%

फूलपुर (उत्तर प्रदेश) 8.83%

कुंदरकी (उत्तर प्रदेश) 13.59%

करहल (उत्तर प्रदेश) 9.67%

कटेहरी (उत्तर)। प्रदेश) 11.48%

केदारनाथ (उत्तराखंड) 4.30%

यूपी में कहां-कहां उपचुनाव के लिए वोटिंग

लोकसभा चुनाव के बाद खाली हुई उत्तर प्रदेश की नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। प्रदेश की नौ सीटों अंबेडकरनगर में कटेहरी, मैनपुरी में करहल, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद में मीरापुर, मिर्जापुर में मझवां, कानपुर नगर में सीसामऊ, अलीगढ़ में खैर, प्रयागराज में फूलपुर और मुरादाबाद में कुंदरकी सीटों पर 20 नवंबर को उपचुनाव हो रहे हैं और नतीजे 23 नवंबर को आएंगे।

पंजाब की किन चार सीटों पर हो रही है वोटिंग?

पंजाब में चार विधानसभा क्षेत्रों - गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (सुरक्षित) और बरनाला में मतदान आज सुबह 7 बजे से वोटिंग शुरू हो गई है, जो शाम 6 बजे तक जारी रहेगी। मतगणना 23 नवंबर को होगी। इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उपचुनाव जरूरी हो गए थे। चार विधानसभा क्षेत्रों में से गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक और चब्बेवाल पर पहले कांग्रेस का कब्जा था और बरनाला सीट से आप विधायक प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

उत्तराखंड की केदारनाथ सीट पर उपचुनाव

उत्तराखंड में केदारनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। जहां सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और विपक्षी कांग्रेस का सीधा मुकाबला है। भाजपा के सामने जहां इस सीट पर जीत को बरकरार रखने की चुनौती है वहीं कांग्रेस बद्रीनाथ के बाद केदारनाथ में भाजपा को फिर पटखनी देने के मूड में है।

केरल की पलक्कड़ विधानसभा सीट वोटिंग

केरल की पलक्कड़ विधानसभा सीट पर उपचुनाव आज वोटिंग हो रही है। निर्वाचन क्षेत्र के कांग्रेस विधायक शफी परमबिल के वडकारा निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद इस उपचुनाव की आवश्यकता उत्पन्न हुई।

यूपी के कितने उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस?

उसने राज्य की नौ विधानसभा सीट के उपचुनाव में उतरे सभी 90 उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, वित्तीय एवं शैक्षिक स्थिति तथा अन्य विवरणों के विश्लेषण के बाद यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक 90 उम्मीदवारों में से 29 (32 प्रतिशत) ने अपने खिलाफ ‘आपराधिक मामले’ दर्ज होने का अपने हलफनामों में खुलासा किया है। उनमें से 24 (27 प्रतिशत) के खिलाफ ‘गंभीर आपराधिक मामले’ दर्ज हैं। रिपोर्ट में 25 निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ-साथ क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दलों द्वारा समर्थित उम्मीदवार भी शामिल हैं। उत्तर प्रदेश की कटेहरी (अंबेडकर नगर), करहल (मैनपुरी), मीरापुर (मुजफ्फरनगर), गाजियाबाद, मझवां (मिर्जापुर), सीसामऊ (कानपुर शहर), खैर (अलीगढ़), फूलपुर (प्रयागराज) और कुंदरकी (मुरादाबाद) विधानसभा सीट पर 20 नवंबर को उपचुनाव है।

रिपोर्ट के अनुसार उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति को देखें तो 90 उम्मीदवारों में से 43 (48 प्रतिशत) करोड़पति हैं और हर उम्मीदवार की औसत संपत्ति 3.76 करोड़ रुपये है। सबसे अमीर उम्मीदवार भाजपा की शुचिस्मिता मौर्य (मझवां) हैं जिनके नाम 50 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है। इसके बाद सपा की सुम्बुल राना (मीरापुर) हैं। उनके पास 40 करोड़ रुपये से अधिक और सपा के सिंह राज जाटव (गाजियाबाद) के पास 28 करोड़ रुपये की सम्पत्ति है। सबसे गरीब तीन उम्मीदवार निर्दलीय हैं। रिपोर्ट के अनुसार गाजियाबाद के रूपेश चंद्र के पास कुल 18,000 रुपये की संपत्ति है, जबकि फूलपुर से चुनाव लड़ रही रीता विश्वकर्मा और गायत्री के पास कुल 27,000 रुपये की जायदाद है। शिक्षा के मामले में 33 (37 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षणिक योग्यता पांचवीं से 12वीं कक्षा के बीच घोषित की है, जबकि 49 (54 प्रतिशत) उम्मीदवार स्नातक या उससे ज्यादा शिक्षित हैं। पांच उम्मीदवारों ने खुद को केवल साक्षर और दो प्रत्याशियों ने खुद को निरक्षर घोषित किया है।

पंजाब उपचुनाव: आप, कांग्रेस और भाजपा की प्रतिष्ठा दांव पर

पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) लोकसभा चुनाव में अपने निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए प्रयासरत है वहीं कांग्रेस और भाजपा भी चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए बुधवार को होने वाले उपचुनाव में जीत की खातिर पूरी ताकत लगा रही हैं। चार विधानसभा क्षेत्रों - गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक, चब्बेवाल (सुरक्षित) और बरनाला में मतदान 20 नवंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा और मतगणना 23 नवंबर को होगी। इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद उपचुनाव जरूरी हो गए थे। चार विधानसभा क्षेत्रों में से गिद्दड़बाहा, डेरा बाबा नानक और चब्बेवाल पर पहले कांग्रेस का कब्जा था और बरनाला सीट से आप विधायक प्रतिनिधित्व कर रहे थे।

अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि उपचुनाव के लिए तीन महिलाओं सहित 45 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें 831 मतदान केंद्रों पर 6.96 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पंजाब पुलिस के 6,400 से अधिक जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 17 कंपनियां तैनात की गई हैं। उपचुनाव में जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, उनमें भाजपा उम्मीदवार और पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल, केवल सिंह ढिल्लों, सोहन सिंह ठंडल और रविकरण सिंह कहलों; कांग्रेस की अमृता वडिंग, जतिंदर कौर और आप के हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों तथा डॉ. इशांक कुमार चब्बेवाल शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article