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UP Nikay Chunav Result 2023: 'मिनी सरकार' में क्या चलेगा करोड़पतियों का बोलबाला, इन उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated May 13, 2023, 09:10 AM IST

UP Nagar Nikay, Nigam, Palika Chunav Result 2023: अलीगढ़ से भाजपा प्रत्याशी प्रशांत सिंघल 69.89 करोड़ सबसे ज्यादा संपत्ति वाले मेयर प्रत्याशी हैं। उनके पास करीब 69.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। इसके बाद दूसरे नंबर पर बरेली से भाजपा के ही उम्मीदवार उमेश गौतम मैदान में हैं, जिनके पास 29. 96 करोड़ रुपये की संपत्ति है।

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नगर निकाय चुनाव परिणाम

Photo : BCCL

UP Nagar Nikay, Nigam, Palika Chunav Result 2023: यूपी नगर निकाय चुनाव की मतगणना शुरू हो चुकी है। रुझान भी आने लगे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश की 17 मेयर सीटों पर 10 पर भाजपा आगे चल रही है तो तीन सीटों पर सपा के उम्मीदवार आगे हैं। चुनाव परिणाम क्या होंगे, यह दोपहर तक साफ हो जाएगा। हालांकि, इन चुनावों में सबसे ज्यादा नजर करोड़पति उम्मीदवारों पर है। प्रत्याशियों द्वारा दिए गए ब्यौरे के मुताबिक, 17 मेयर सीटों पर 11 से ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार मैदान में हैं।

अभी तक की जानकारी के मुताबिक, अलीगढ़ से भाजपा प्रत्याशी प्रशांत सिंघल 69.89 करोड़ सबसे ज्यादा संपत्ति वाले मेयर प्रत्याशी हैं। उनके पास करीब 69.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। इसके बाद दूसरे नंबर पर बरेली से भाजपा के ही उम्मीदवार उमेश गौतम मैदान में हैं, जिनके पास 29. 96 करोड़ रुपये की संपत्ति है। तीसरे नंबर पर लखनऊ से बसपा प्रत्याशी शाहीन बानो हैं, जिनके पास करीब 27 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है।

करोड़पति मेयर उम्मीदवारों की सूची -

नगर निगमप्रत्याशी संपत्ति
लखनऊ शाहीन बानो (BSP)27 करोड़
आगरा हेमलता दिवाकर (BJP)2 करोड़
मथुराविनोद कुमार अग्रवाल (BJP)1.65 करोड़
गोरखपुरडॉ. मंगलेश (BJP)10 करोड़
अलीगढ़प्रशांत सिंघल (BJP)69.89 करोड़
कानपुरप्रमिला पांडेय (BJP)8.71 करोड़
वाराणसीअनिल श्रीवास्तव (CONG)7.07 करोड़
वाराणसीअशोक तिवारी (BJP) 7.49 करोड़
अयोध्या गिरीश पति त्रिपाठी (BJP) 21 करोड़
झांसीसतीश जतारिया (SP)6.73 करोड़
झांसीबिहारी लाल आर्य (BJP) 1.18 करोड़
मेरठहरिकांत अहलूवालिया (BJP)--
मेरठसीमा प्रधान (SP)--
मुरादाबाद विनोद कुमार अग्रवाल (BJP)9 करोड़
प्रयागराज अजय श्रीवास्तव (SP)12 करोड़
सहारनपुर डॉ. अजय कुमार (BJP)16 करोड़
बरेली उमेश गौतम (BJP)29. 96 करोड़

कई चंदे पर लड़े चुनाव

यूपी नगर निकाय चुनाव में एक तरफ करोड़पति उम्मीदवार हैं, तो दूसरी तरफ कई प्रत्याशी ऐसे भी हैं जो काफी गरीब हैं। आलम तो यह है कि कई प्रत्याशी चंदा लेकर चुनाव लड़े हैं। हालांकि, इन सीटों पर जीत किसकी होगी यह तो दोपहरण तक साफ हो रही जाएगा।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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