uddhav thackeray news: महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे का बैग चेक किया गया यवतमाल के वनी एयरपोर्ट पर उनके बैग की जांच की गई जिससे उद्धव भड़क गए, बताते हैं कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने यवतमाल जिले के वानी हेलीपैड पर उद्धव ठाकरे के बैग की जांच करने की मांग की।
इसके बाद उद्धव नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि क्या उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फड़नवीस और अजीत पवार के बैग की भी तलाशी ली है वहीं उन्होंने कर्मचारियों से सवाल करते हुए वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। उद्धव ने कहा, 'मेरे बैग की जांच करने में कोई समस्या नहीं है लेकिन क्या पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बैग की जांच की गई'
गौर हो कि महाराष्ट्र में सभी 288 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में 20 नवंबर को वोटिंग होगी जबकि 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। बता दें कि पिछले चुनाव में बीजेपी को 105, शिवसेना को 56, एनसीपी को 54 और कांग्रेस को 44 सीटें मिली थीं पर चुनाव के बाद शिवसेना एनडीए से अलग हो गई और उसने एनसीपी-कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बना ली और शिवसेना के उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे।
प्रधानमंत्री मोदी बतायें, कितने कश्मीरी पंडित वापस जम्मू कश्मीर जा सके: उद्धव ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को रद्द किये जाने को लेकर रविवार को भाजपा का मखौल उड़ाया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से यह बताने को कहा कि इस प्रावधान के समाप्त होने के बाद कितने कश्मीरी पंडित अपने गृह राज्य घाटी वापस जा सके?सोलापुर जिले के सांगोला में एक रैली को संबोधित करते हुए ठाकरे ने प्रधानमंत्री पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के अपने भाषणों में किसानों की समस्याओं के बजाय पहले अनुच्छेद 370 के बारे में बोलने का आरोप लगाया, जिनका केंद्र द्वारा समाधान नहीं किया गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नियमित रूप से दावा करती रही है कि पांच अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किये जाने से अशांत पूर्ववर्ती राज्य में शांति आई है और दलितों, आदिवासियों और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) को आरक्षण का लाभ भी मिला है।
ठाकरे ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की 'याददाश्त खो गई है' क्योंकि वह यह दावा कर रहे हैं कि वह (उद्धव ठाकरे) उन लोगों के साथ बैठे हैं जिन्होंने अनुच्छेद 370 रद्द किये जाने का विरोध किया था। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ठाकरे ने कहा, 'वह भूल जाते हैं कि मैं इस फैसले के समर्थन में उनके साथ था। मुझ पर जासूसी करने के बजाय महाराष्ट्र और देश के लोगों को बताएं कि कितने कश्मीरी पंडित कश्मीर घाटी में अपने घरों को लौटे हैं। जब वे (कश्मीरी पंडित) अपने घरों को छोड़कर निकले थे, तब मोदी और शाह को कोई नहीं जानता था और वह बालासाहेब ठाकरे ही थे जिन्होंने उन्हें महाराष्ट्र में आश्रय दिया था।'
