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चलो संसद' मार्च में हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस की हाई-लेवल बैठकें, FRS तकनीक से पहचाने जाएंगे उपद्रवी, पढ़ें- पूरा मामला

CJP Parliament March Violence: दिल्ली में कॉजपा के 'चलो संसद' मार्च में हिंसा के बाद पुलिस का सख्त रुख। FRS तकनीक से उपद्रवियों की पहचान होगी। 118 पुलिसकर्मी घायल, 70 उपद्रवी हिरासत में।

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चलो संसद' मार्च में हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस की हाई-लेवल बैठकें, FRS तकनीक से पहचाने जाएंगे उपद्रवी, पढ़ें- पूरा मामला (PTI Photo)

Delhi Police FRS Action: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा/CJP) द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई भयंकर हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। सोमवार को दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिए कई दौर की उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

नयी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) कार्यालय में हुई बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों ने हिंसा की गहन जांच, सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान और उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का खाका तैयार किया है।

'फैशियल रिकग्निशन' (FRS) तकनीक से होगी पहचान

दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि पुलिसकर्मियों पर हमला करने और हिंसा भड़काने वाले उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इसके लिए पुलिस आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है। सूत्रों के अनुसार, हिंसा और आगजनी में शामिल प्रदर्शनकारियों की सटीक पहचान करने के लिए दिल्ली पुलिस फैशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) तकनीक और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का उपयोग कर रही है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि पुलिसबल पर किया गया यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित और साजिशन था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या उपद्रवी किसी खास व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए भीड़ जुटाने और हिंसा फैलाने की साजिश में शामिल थे।

हिंसा में घायल हुए सभी पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के आधिकारिक बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस ने कहा है कि जिन संदिग्धों के खिलाफ ठोस सबूत मिलेंगे, उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

118 पुलिसकर्मी घायल, 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़

दिल्ली पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कॉजपा के नेतृत्व में हुआ यह विरोध प्रदर्शन बेहद 'अनियंत्रित, आक्रामक और हिंसक' हो गया था। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए जमकर बवाल काटा। इस हिंसा के दौरान हुआ बड़ा नुकसान:

118 पुलिसकर्मी घायल: उपद्रवियों के पथराव और हमले में 118 से अधिक पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल के जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 60 प्रदर्शनकारियों के भी घायल होने की सूचना है।

सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान: उपद्रवियों ने करीब 15 से 20 सरकारी गाड़ियों, पुलिस वाहनों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों में जमकर तोड़फोड़ की।

वहीं, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से करीब 70 हिंसक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। कानून की विभिन्न सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और दंगा रोधी दस्तों की तैनाती कर दी गई है। पूरी राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी गई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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