तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) प्रमुख थलापति विजय के लिए मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। तमिलनाडु पुलिस ने उनके खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह केस पेरावलूर पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया है, जिसमें पांच अलग-अलग धाराएं शामिल की गई हैं।
विजय के खिलाफ क्या-क्या आरोप
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई फ्लाइंग स्क्वॉड अधिकारी कुमार द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विजय ने चुनावी नियमों का उल्लंघन करते हुए एक कार्यक्रम के दौरान 30 लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया, एंबुलेंस का रास्ता बाधित किया और 5,000 से अधिक लोगों की भीड़ इकट्ठा की, जिससे आम जनता को असुविधा हुई। निगरानी अधिकारी कुमार की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक मार्ग में बाधा उत्पन्न हुई और बिना अनुमति बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा किया गया, जो चुनाव आचार संहिता के नियमों के खिलाफ है।
सिर्फ विजय ही नहीं 5000 कार्यकर्ता भी आरोपू
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सार्वजनिक उपद्रव फैलाने, सार्वजनिक रास्ते को बाधित करने और अवैध रूप से भीड़ में शामिल होने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। इस केस में विजय के साथ-साथ उनकी पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam के करीब 5,000 कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।
तमिलगा वेत्री कषगम ने क्या कहा?
इस मामले पर पार्टी नेता आधव अर्जुन ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस विभाग अब भी पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नियंत्रण में है। कल कोलाथुर में क्या हुआ? क्योंकि श्री एम. के. स्टालिन अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में किसी को प्रचार करने की अनुमति नहीं देना चाहते, इसलिए आज एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह एक तरह की धमकी है। हम इसका कानूनी तरीके से सामना करेंगे। उन्होंने 5,000 लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। हमारी पार्टी इसकी कड़ी निंदा करती है। लेकिन हमारे नेता का चुनाव प्रचार तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होगा। जनता अपना फैसला देगी। लोग बदलाव के लिए तैयार हैं।
