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"टीम दिल्ली को हराओ, तमिलनाडु को जिताओ", चुनावी रैली के बीच उदयनिधि स्टालिन ने साधा केंद्र सरकार पर निशाना, कहा ये

तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य को पर्याप्त धन और विकास परियोजनाएं नहीं दे रही है।

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तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन (फोटो: ANI)

Photo : ANI

Tamil Nadu News: तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी के बीच राज्य उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने शुक्रवार को राज्य के लोगों से आह्वान किया कि वे 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों का इस्तेमाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को प्रदेश को पर्याप्त धनराशि उपलब्ध न कराने का "जवाब" देने के लिए करें। उदयनिधि ने कहा कि लोगों को भाजपा और उसकी सहयोगी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) को सत्ता में आने से रोकना चाहिए तथा सत्तारूढ़ द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को निर्णायक जनादेश देना चाहिए।

"दिल्ली टीम को हराओ और तमिलनाडु को जीत दिलाओ"

तिरुप्पुर जिले में द्रमुक के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में आयोजित चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उदयनिधि ने दावा किया कि औद्योगिक जिले में विकास की गति को तभी बनाए रखा जा सकता है, जब द्रमुक सत्ता में बरकरार रहे। उन्होंने गठबंधन उम्मीदवारों जयकुमार (उदुमलाईपेट्टई), ए सुधाकर (पोल्लाची), एमपी समिनाथन (कांगेयम) और डॉ. इंद्राणी (धरपुरम) के पक्ष में प्रचार करते हुए कहा, "क्या भाजपा सरकार ने तमिलनाडु को कोई धनराशि या परियोजनाएं उपलब्ध कराईं? लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं या धनराशि को उपलब्ध न कराने को लेकर भाजपा के खिलाफ जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए। विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर उसे सबक सिखाएं।’’ उदयनिधि ने लोगों से कहा, "दिल्ली टीम को हराओ और तमिलनाडु को जीत दिलाओ।"

संविधान संशोधन विधेयक नामंजूर होने के बाद स्टालिन का बयान

वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को लोकसभा में संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं हो पाने के बाद कहा, "तमिलनाडु ने दिल्ली को हरा दिया; तमिलनाडु लड़ा, तमिलनाडु जीता" उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत एकजुट खड़ा रहा, अपनी आवाज बुलंद की और लोकतंत्र की जीत हुई। स्टालिन ने कहा कि केंद्र सरकार चाहती तो महिला आरक्षण विधेयक को अलग करके लोकसभा में पारित करा सकती थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और "महिलाएं यह सब देख रही हैं।"

"अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हरा देंगे"

विधेयक पारित न होने पर प्रतिक्रिया देते हुए स्टालिन ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह परिसीमन विधेयक की एक प्रति को जलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस विधेयक में 2029 में विधायिकाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान था। द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) के नेताओं ने संसद में विधेयक नामंजूर होने का जश्न मनाते हुए मिठाइयां बांटीं और पटाखे फोड़े। स्टालिन ने कहा, "23 अप्रैल (तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव मतदान तिथि) को हम दिल्ली के अहंकार और उस अहंकार का समर्थन करने वाले गुलामों को हरा देंगे।"

(इनपुट - भाषा)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदी author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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