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कहानी खानदानी इंदौरी धरतीपकड़ सिंह की, 18 बार जमानत हो चुकी है जब्त, 19वीं बार फिर उतरे; पिता भी थे बड़े 'खिलाड़ी'

  • Edited by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Oct 23, 2023, 05:09 PM IST

​तोलानी का परिवार दो पीढ़ियों से लगातार चुनाव लड़ने के लिए मशहूर है और हर बार इसके सदस्यों की जमानत जब्त हुई है। इंदौर में एक प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले उनके पिता मेठाराम तोलानी ने अपने जीवनकाल में 30 साल तक लगातार अलग-अलग चुनाव लड़े थे।

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इंदौरी धरतीपकड़ सिंह ने 19वीं बार भरा नामांकन

राजनीति में एक से एक नेता रहे हैं, कई के नाम न हारने के रिकॉर्ड रहे हैं, लेकिन भारत की राजनीति में कई ऐसे नेता हैं, जिन्हें लगता है कि हारने का शौक है। ऐसे नेता धरतीपकड़ सिंह के नाम से जाने जाते हैं, ऐसे ही एक खानदानी धरतीपकड़ सिंह हैं, जो इंदौर के रहने वाले हैं। इन्हें इदौरी धरतीपकड़ बोला जाता है। इंदौरी धरतीपकड़ सिंह 18 बार चुनाव हार चुके हैं और 19वीं बार मैदान में हैं।

तीन दशक से चुनावी मैदान में

तीन दशक के दौरान हुए अलग-अलग चुनावों में एक-दो दफा नहीं, बल्कि 18 बार जमानत जब्त होने के बावजूद इंदौर के परमानंद तोलानी ने हिम्मत नहीं हारी है। इंदौरी धरतीपकड़ के नाम से मशहूर 63 वर्षीय तोलानी ने एक बार फिर जीत के अरमान और खानदान की परंपरा को निभाते हुए 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पर्चा भर दिया है।

हार से बढ़ता है उत्साह

तोलानी, पेशे से रीयल एस्टेट कारोबारी हैं। उनका कहना है कि जमानत जब्त होने से चुनाव लड़ने के उनके उत्साह पर कोई फर्क नहीं पड़ता। हर हार के साथ उनका आत्मविश्वास और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इंदौर की जनता बहुत समझदार है। मुझे पूरी उम्मीद है कि वह मुझे एक न एक बार चुनाव जरूर जिताएगी।

इन वादों के सहारे मैदान में

तोलानी ने इस बार मतदाताओं से उनका वादा है कि चुनाव जीतने पर वह 1000 वर्ग फुट तक के क्षेत्रफल वाली इमारतों पर उन्हें संपत्ति कर से पूरी छूट दिलाएंगे और घर से कचरा उठाने के बदले नगर निगम द्वारा वसूला जाना वाला शुल्क भी माफ कराएंगे।

खानदानी है परंपरा

तोलानी का परिवार दो पीढ़ियों से लगातार चुनाव लड़ने के लिए मशहूर है और हर बार इसके सदस्यों की जमानत जब्त हुई है। इंदौर में एक प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाले उनके पिता मेठाराम तोलानी ने अपने जीवनकाल में 30 साल तक लगातार अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 1988 में पिता के निधन के बाद 1989 से परमानंद तेलगी ने चुनाव लड़ना शुरू कर दिया था। तोलानी परिवार की अगली पीढ़ी भी चुनावी मैदान में उतरने के लिए तैयार हो रही है। तोलानी की बेटी निशा भी भविष्य में ऐसी लड़ाई का संकेत दे चुकी हैं।

शिशुपाल कुमार
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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