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सपा ने किन सीटों पर बदले उम्मीदवार? 16 में 11 OBC, समझिए पहली सूची में कैसे साधा जातीय समीकरण

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jan 30, 2024, 07:40 PM IST

Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश की 16 सीटों पर सपा उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। इसमें 11 ओबीसी में 4 कुर्मी, 3 यादव, 2 शाक्य और 1 पाल समाज के प्रत्याशी को उतारा है। वहीं, कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदले गए हैं।

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अखिलेश यादव

Photo : ANI

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर समाजवादी पार्टी ने मंगलवार को अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची में उत्तर प्रदेश की 16 सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली सूची में मैनपुरी से डिंपल यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव, बदायूं से धर्मेंद्र यादव, संभल से शीफकुर्रहमान बर्क समेत अन्य को उम्मीदवार बनाया है।

समाजवादी पार्टी की पहली सूची को देखें तो जातीय समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। 16 उम्मीदवारों में से 11 ओबीसी समाज से आते हैं। इसके अलावा 1 मुस्लिम, 1 दलित, 1 ठाकुर, 1 टंडन व एक खत्री समाज से उम्मीदवार को उतारा गया है। वहीं 11 ओबीसी में 4 कुर्मी, 3 यादव, 2 शाक्य और 1 पाल समाज के प्रत्याशी को उतारा है।

इन सीटों पर बदले गए प्रत्याशी

सपा ने इस बार कई सीटों पर अपने उम्मीदवार बदलें हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने खीरी सीट से पूर्वी वर्मा, उन्नाव से पूजा पाल, बांदा से श्याम चरण गुप्ता और फैजाबाद से आनंद सेन को टिकट दिया था। इस बार इन्हें टिकट नहीं मिला है। इनकी जगह सपा ने खीरी सीट से उत्कर्ष वर्मा, उन्नाव से अनु टंडन, बांदा से शिवशंकर पटेल, और फैजाबाद(अब अयोध्या) से अवधेश प्रसाद को टिकट दिया है।

किसे कहां से मिला टिकट

  1. मैनपुरी से डिंपल यादव प्रत्याशी
  2. अयोध्या से अवधेश प्रसाद को टिकट
  3. गोरखपुर से काजल निषाद को टिकट
  4. बदायूं से धर्मेन्द्र यादव को टिकट
  5. फ़िरोज़ाबाद से अक्षय यादव को टिकट
  6. उन्नाव लोकसभा सीट से अनु टंडन को टिकट
  7. लखनऊ से रविदास मेहरोत्रा को टिकट
  8. बस्ती से रामप्रसाद चौधरी को टिकट
  9. बांदा से शिवशंकर सिंह पटेल को टिकट
  10. अकबरपुर सीट से राजाराम पाल को टिकट
  11. संभल सीट से शफीकुर्रहमान को टिकट
  12. एटा सीट से देवेश शाक्य को टिकट
  13. बस्ती से रामप्रसाद चौधरी
  14. अंबेडकर नगर से लालजी वर्मा
  15. फर्रूखाबाद से नवल किशोर शाक्य
  16. धौरहरा से आनंद भदौरिया

कांग्रेस को 11 सीटें देने का किया था ऐलान

समाजवादी पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट में से 11 सीट अपने गठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस और सात सीट राष्ट्रीय लोकदल को देने का ऐलान किया है। हालांकि ये दोनों ही दल सपा से और अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि कांग्रेस ओर रालोद सीट शेयरिंग के फार्मूले से खुश नहीं हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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