Sagarika Ghose Profile: तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी महिला हैं और वह शुरू से ही अपनी पार्टी में महिलाओं को तरजीह देती आई हैं। समाजसेवा, लेखक, पत्रकार, कलाकार, बुद्धिजीवी समाज के सभी तबसे से जुड़ी महिलाओं को वह विधानसभा से लेकर संसद तक भेजती रही हैं। टीएमसी में महिलाओं के इस बोलबाले को देखते हुए उन्हें ममता का 'महिला ब्रिगेड' तक कहा जाता है। इन चेहरों में सागरिका घोष का भी नाम है। सागरिका पेशे से पत्रकार और लेखक हैं। अभी वह तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद हैं। वह अपनी सौम्य एवं मृदुभाषी व्यवहार के लिए जानी जाती हैं।
दो पूर्व पीएम का जीवनी लिखा
ममता बनर्जी ने साल 2024 में उन्हें बंगाल से संसद के उच्च सदन में भेजा। बावजूद इसके सागरिका की पहचान एक नेता के रूप में कम पत्रकार और लेखक के रूप में ज्यादा है। वह दो पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी लिख चुकी हैं। 8 नवंबर 1964 को जन्मी सागरिका ने दिल्ली की सेंट स्टीफन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद स्कॉलरशिप से इन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। राज्यसभा में वह पर्यावरण, प्रदूषण एवं नीतियों से जुड़े मुद्दों को उठाती रही हैं।
कई मीडिया संस्थानों में किया काम
सागरिका के पत्रकारिता करियर की शुरुआत 1991 में बीबीसी से हुई। वह बीबीसी वर्ल्ड के प्रोग्राम 'क्योश्चन टाइम इंडिया' की प्राइम टाइम एंकर थीं। इसके बाद वह सीएनएन-आईबीएन से जुड़ीं। सागरिका ने कई महत्वपूर्ण किताबें भी लिखी हैं। इनकी प्रमुख कृतियों में 'इंदिरा : इंडियाज मोस्ट पावरफुल प्राइम मिनिस्टर' और 'अटल बिहारी वाजपेयी', 'व्हाय आई एम ए लिबरल', 'द जिन ड्रिंकर्स' और 'ब्लाइंड फेथ' शामिल है। आईएएस अधिकारी की बेटी सागरिका की शादी मशहूर पत्रकार राजदीप सरदेसाई से हुई है। सागरिका टाइम्स ऑफ इंडिया, ऑउटलुक और इंडियन एक्सप्रेस जैसे महत्वपूर्ण मीडिया संस्थानों में काम कर चुकी हैं।
कई पुरस्कार जीत चुकी हैं सागरिका
अपने करियर की शुरुआत में घोष को पत्रकारिता में कई पुरस्कार मिले, जिनमें सीएच मोहम्मद कोया राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार और भारतीय टेलीविजन अकादमी का बेस्ट एंकर पुरस्कार शामिल है। वह दूरदर्शन के पूर्व महानिदेशक भास्कर घोष की बेटी हैं। टीएमसी से जुड़ने के बाद वह केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ पार्टी के धरना-प्रदर्शनों में शामिल होती आई हैं। संसद में वह जनहित से जुड़े मुद्दों एवं सवालों को उठाती आई हैं।
