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रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली की सीएम आतिशी के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, जानें क्या है मामला

Delhi Politics: दिल्ली की कालकाजी विधानसभा सीट पर चुनावी जंग अब और दिलचस्प हो गई है। पहले आतिशी ने भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद अब भाजपा नेता ने पलटवार करते हुए, सीएम के खिलाफ शिकायत की है। आपको बताते हैं कि आखिर सारा माजरा क्या है।

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रमेश बिधूड़ी ने सीएम आतिशी के खिलाफ की शिकायत।

Ramesh Bidhuri vs Atishi: भारतीय जनता पार्टी के नेता और कालकाजी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार सीएम आतिशी के बीच आर पार की जंग तेज हो गई है। एक दिन पहले ही आतिशी ने आयोग से की शिकायत की थी कि 'आप' कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यकर्ता कालकाजी विधानसभा में प्रताड़ित कर रहे है। एक दिन बाद ही बिधूड़ी ने सीएम आतिशी के खिलाफ ही शिकायत दर्ज करा दी है।

सीएम आतिशी के खिलाफ रमेश बिधूड़ी की शिकायत

कालकाजी विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली की मुख्यमंत्री और आप उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ कथित रूप से झूठी शिकायतें दर्ज कराने और प्रशासन पर अनुचित दबाव डालने की शिकायत दर्ज कराई है।

'आप' कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का लगाया था आरोप

दिल्ली की मुख्यमंत्री और कालकाजी विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी (आप) उम्मीदवार आतिशी ने बुधवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया गया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ता आप के कार्यकर्ताओं को ‘प्रताड़ित और धमका रहे हैं''। उन्होंने आयोग को लिखे पत्र में 15 जनवरी से कालकाजी के विभिन्न हिस्सों में ‘आप’ कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर ‘धमकाने’ की सात घटनाओं का हवाला दिया। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “कालकाजी से भाजपा उम्मीदवार रमेश बिधूड़ी और उनके सहयोगियों के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ता निर्वाचन क्षेत्र में घूमते हुए ‘आप’ कार्यकर्ताओं को खुलेआम गालियां दे रहे हैं तथा उनके साथ हाथापाई कर रहे हैं।”

बिधूड़ी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग

आतिशी ने निर्वाचन आयोग से बिधूड़ी के खिलाफ ‘आप’ कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर ‘धमकाने और परेशान करने’ के लिए आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की। आतिशी के आरोपों पर भाजपा या बिधूड़ी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। आतिशी ने निर्वाचन आयोग से इस मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “एक नागरिक समाज के रूप में हमें इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए। यह सुनिश्चित करना आपकी जिम्मेदारी है कि दिल्ली में चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से हों।”

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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