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Tonk Election: टोंक के सियासी समीकरण सचिन पायलट की ओर, कांग्रेस ने छह बार इस सीट पर दर्ज की है जीत

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 29, 2023, 02:27 PM IST

Rajashthan Sachin Pilot Tonk Assembly Election 2023 Profile, Net Worth, Party Name: राजस्थान विधानसभा के 2018 में हुए चुनाव में सचिन पायलट ने जीत हासिल की थी। उन्हें 1 लाख 9 हजार वोट मिले थे। वहीं भाजपा ने यहां यूनुस खान को टिकट दिया था, जिन्हें सिर्फ 54 हजार 841 वोट मिले थे।

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सचिन पायलट

Photo : BCCL

Rajashthan Sachin Pilot Tonk Assembly Election 2023 Profile: पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो टोंक विधानसभा उन सीटों में शुमार है, जिनकी चर्चा सबसे ज्यादा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के लड़ने से यह सीट हाई प्रोफाइल बनी हुई है। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सचिन पायलट को इस सीट से मैदान में उतारा था और उन्होंने जीत दर्ज की थी। एक बार फिर से कांग्रेस ने सचिन पायलट को इसी विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिया है। ऐसे में राजस्थान चुनाव में यह निर्वाचन क्षेत्र हॉट सीट बन गई है।

भाजपा- ओवैसी बिगाड़ सकते हैं खेल

टोंक विधानसभा क्षेत्र में गुर्जर और मुस्लिम आबादी काफी है। ऐसे में यहां एआईएमआईएम प्रमुख आवैसी भी अपना प्रत्याशी उतारने के संकेत दे चुके हैं। उधर, गुर्जर समुदाय से आने वाले सचिन पायलट के वोटों में सेंध लगाने के लिए भाजपा ने भी रमेश बिधूड़ी को यहां का प्रभारी बनाया है। ऐसे में इस विधानसभा क्षेत्र में मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। हालांकि, सियासी समीकरण सचिन पायलट की ओर से ज्यादा झुक रहे हैं।

क्या रहा था 2018 चुनाव का हाल

राजस्थान विधानसभा के 2018 में हुए चुनाव में सचिन पायलट ने जीत हासिल की थी। उन्हें 1 लाख 9 हजार वोट मिले थे। वहीं भाजपा ने यहां यूनुस खान को टिकट दिया था, जिन्हें सिर्फ 54 हजार 841 वोट मिले थे। पायलट भले ही गुर्जर समुदाय से आते हों, लेकिन पिछले चुनावों में उन्हें मुस्लिम वोटर्स का भी काफी समर्थन मिला था।

कैसा है टोंक का सियासी समीकरण

टोंक विधानसभा में करीब 2 लाख 22 हजार वोटर्स हैं। मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 50 हजार है। वहीं गुर्जर वोट 30 हजार के करीब है। इसके अलावा इस सीट पर 35 हजार एससी और 15 हजार माली समुदाय के वोटर्स भी हैं। अशोक गहलोत खुद माली समुदाय से आते हैं। अब जब गलहोत और पायलट के बीच सुहल हो गई है तो गुर्जर और माली समुदाय यहां कांग्रेस के पक्ष में नतीजे करने में बड़ा योगदान से सकता हैं। वहीं मुस्लिम वोटर्स भी अगर पायलट के पक्ष में वोट करता है तो अन्य पार्टियों की राह मुस्किल हो सकती है। बता दें, टोंक में अब तक हुए 14 चुनावों में कांग्रेस 6 और भाजपा 5 बार विजयी रही है।

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