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Rahul Gandhi: केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी ने नामांकन पर्चा भरा, देखें ये ग्राउंड रिपोर्ट

  • Authored by: रंजीता झा
  • Updated Apr 3, 2024, 10:46 PM IST

Rahul Gandhi Nomination: केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी ने एक बार फिर नामांकन भर दिया है, पर इस बार लड़ाई उतनी आसान नही दिख रही है।

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वायनाड सीट से राहुल गांधी ने नामांकन पर्चा भरा

Rahul Gandhi Nomination: केरल की वायनाड सीट से राहुल गांधी ने एक बार फिर नामांकन पर्चा भर दिया है लेकिन यहाँ की जनता ने जिस तरह राहुल को पिछले चुनाव में बंपर वोटिंग करके रिकॉर्ड जीत दिलाई थी इस बार लड़ाई उतनी आसान नही दिख रही

हम ऐसा क्यों कह रहा ये दिखाते हैं आपको अपनी इस ग्राउंड रिपोर्ट में-

2024 का चुनावी रण राहुल गांधी के लिये वायनाड में आसान नही दिख रहा, लड़ाई त्रिकोणीय है, राहुल गांधी के सामने लेफ्ट (LDF) की उम्मीदवार ऐनी राजा है तो बीजेपी ने भी केरल अध्यक्ष के. सुरेन्द्रन को मैदान में उतार दिया है, ऐनी राजा ने नामांकन पर्चा भरने से पहले टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए कहा की, यहाँ की जनता को राहुल गांधी से शिकायत है कि वो यहाँ आते नही और संसद में वायनाड का मुद्दा उठाते नही।

वायनाड की जनता का कहना है कि ये चुनाव राहुल गांधी के लिये टफ़ है, क्योंकि पिछली बार 2019 में राहुल गांधी प्रधानमंत्री का उम्मीदवार थे और उसी नाम पर कांग्रेस और उसकी एलायंस पार्टी ने वोट माँगा था, केरल की जनता ने ये सोच कर वोट किया कि केरल का सांसद PM बनेगा लेकिन इस बार INDIA गठबंधन में पता ही नही चल रहा है कि PM फ़ेस कौन है.?

हालाँकि बीजेपी उम्मीदवार के. सुरेन्द्रण के राम मंदिर के मुद्दे पर वायनाड की जनता का कहना है कि राम मंदिर UP में मुद्दा हो सकता है केरल में कोई मुद्दा नही है।

वायनाड के युवा वोटरों का कहना है की, राहुल गांधी ने बतौर सांसद क्षेत्र के लिए काम किया है, और युवा की पसंद हैं राहुल, राहुल गांधी हमारे साथ परिवार की तरह रहते हैं, राहुल गांधी के लिये वायनाड की जनता का प्यार आज भी दिखा जब को नामांकन पर्चा भरने गए, रोड शो के दौरान राहुल गांधी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि-आपका सांसद सदस्य होना मेरे लिए सम्मान की बात है, मैं आपके साथ एक मतदाता की तरह व्यवहार नहीं करता हूं, मैं आपके साथ वैसा ही व्यवहार करता हूं, जैसे मेरा छोटी बहन प्रियंका के साथ व्यवहार है, वायनाड के घरों में मेरी बहनें, मां, पिता और भाई हैं और इसके लिए मैं आपका तहे दिल से धन्यवाद देता हूं।'

रंजीता झा
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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