इलेक्शन

जनता दर्शन के लिए खोला जाए 'शीशमहल', CM आतिशी को चिट्ठी लिखकर भाजपा नेता ने की ये मांग

Delhi Vidhan Sabha Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक तेज हो गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को भाजपा नेता प्रवेश वर्मा ने चिट्ठी लिखी है। उन्होंने इसके जरिए'शीशमहल' को जनता दर्शन के लिए खोलने की मांग की है। आपको बताते हैं इस चिट्ठी में क्या कुछ लिखा है।

Image

आतिशी को प्रवेश वर्मा ने लिखी चिट्ठी।

Delhi Chunav 2025: नई दिल्ली विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने मुख्यमंत्री आतिशी को चिट्ठी लिखी है। इस चिट्ठी में उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा बनवाए गए 'शीशमहल' को जनता दर्शन के लिए खोलने का अनुरोध किया है।

भाजपा नेता ने CM आतिशी को लिखी चिट्ठी

भाजपा नेता प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता ने जिन्हें (अरविंद केजरीवाल) लगातार तीन बार अपना विधायक चुना और विधानसभा भेजा, वो इस भवन (शीशमहल) को देखने की प्रबल इच्छा रखती है। जनता इसे देखकर यह समझना चाहती है कि जिस स्थान पर उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ने अपने कार्यकाल का समय बिताया, वह कैसा है।

चिट्ठी में प्रवेश वर्मा ने आतिशी से क्या मांग की

पूर्व भाजपा सांसद प्रवेश वर्मा ने सीएम आतिशी को चिट्ठी लिखकर कहा, ''मुख्यमंत्री जी, यह आपके संज्ञान में लाना चाहता हूं कि पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल में सरकारी आवास को विशेष रूप से सुसज्जित और भव्य रूप दिया गया था। इसे आम जनमानस में 'शीशमहल' के नाम से जाना जा रहा है। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की जनता, जिन्होंने लगातार तीन बार केजरीवाल को अपना विधायक चुना और विधानसभा भेजा, इस भवन को देखने की प्रबल इच्छा रखती है। यह भवन अब केवल एक निवास स्थान नहीं, बल्कि दिल्ली के शासन और प्रशासन के इतिहास का एक महत्वपूर्ण प्रतीक बन चुका है। जनता इसे देखकर यह समझना चाहती है कि जिस स्थान पर उनके द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ने अपने कार्यकाल का समय बिताया, वह कैसा है।''

प्रवेश वर्मा ने सीएम आतिशी ने निवेदन करते हुए आगे कहा, ''इस 'शीशमहल' को प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक 'जनता दर्शन' के लिए खोला जाए, ताकि दिल्ली की जनता इसे नजदीक से देख सके। यह न केवल जनता की अपेक्षाओं को पूरा करेगा, बल्कि सरकार और जनता के बीच पारदर्शिता और विश्वास को भी मजबूत करेगा। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रूप से विचार करेंगी और शीघ्र निर्णय लेंगी।''

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article