इलेक्शन

73 की उम्र में दिखा पीएम मोदी का जलवा... 75 दिन, 80 इंटरव्यू, 206 रैलियां और रोड शो; जानें सारा हिसाब-किताब

PM Modi Rallies: लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी चरण के लिए प्रचार का सिलसिला थम चुका है। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पीएम मोदी ने पंजाब के होशियारपुर में अपनी आखिरी रैली की। पंजाब में आखिरी रैली के साथ मोदी ने इस लोकसभा चुनाव में 206 जनसभाएं और रोड शो किए। आपको सारा हिसाब-किताब बताते हैं।

Image

पीएम मोदी की रैली और रोड शो का हिसाब-किताब

Photo : Times Now Digital

Election Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73 वर्ष की उम्र में इस बार के लोकसभा चुनाव में 200 से अधिक रैलियां और रोड शो किए। जो पिछले चुनाव की तुलना में काफी अधिक है। उन्होंने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पीएम मोदी ने 2024 के चुनावी नतीजों के लिए NDA के सामने 400 प्लस का लक्ष्य रखा है। साथ ही भाजपा के 370 सीटें जीतने का दावा किया है। जिसके लिए उन्होंने अपनी एड़ी चोटी का जोर लगा दिया।

80 इंटरव्यू, 206 से रैलियां और रोड शो

देश में लोकसभा चुनाव 2024 के ऐलान के बाद के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 75 दिनों में 200 से अधिक रैलियां और रोड शो किया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने देश के कई बड़े मीडिया घरानों को 80 इंटरव्यू दिए। चुनाव प्रचार के अंतिम दिन प्रधानमंत्री ने बृहस्पतिवार को पंजाब के होशियारपुर में एक रैली के साथ अपने चुनावी अभियान का समापन किया। इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा 16 मार्च को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किए जाने के बाद से कुल 206 जनसभाएं और रोड शो किए।

2019 की तुलना में काफी आगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने इससे पहले 2019 के चुनावों के दौरान लगभग 145 सार्वजनिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। इस बार उन्होंने इससे ज्यादा चुनाव प्रचार किया और जनसभाओं को संबोधित किया। इस बार चुनाव प्रचार का समय 76 दिनों का था, जबकि पांच साल पहले चुनाव में 68 दिन थे। निर्वाचन आयोग ने जब चुनावों की घोषणा की थी तो मोदी दक्षिण भारत के राजनीतिक दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने 15 मार्च से 17 मार्च के बीच तीन दिनों में दक्षिण भारत के सभी पांच राज्यों को कवर किया था।

इन तीन राज्यों में नहीं खुला था भाजपा का खाता

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की इस चुनाव में कोशिश तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में अपनी स्थिति मजबूत करने की है। इन तीनों राज्यों में 2019 के चुनाव में भाजपा एक भी सीट जीत नहीं सकी थी। पार्टी के लिए इस चुनाव में कर्नाटक में अपनी ताकत बनाए रखने और तेलंगाना में अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश भी रही है। साल 2019 में भाजपा ने कर्नाटक की 28 में से 25 सीट जीती थी जबकि तेलंगाना में उसने चार सीट पर सफलता दर्ज की थी।

4 जून को आएंगे लोकसभा चुनाव के परिणाम

प्रधानमंत्री मोदी के इस धुआंधार चुनाव प्रचार का जनता पर कितना असर रहा, इसका पता तो 4 जून को ही लगेगा जब चुनाव परिणाम घोषित होंगे। करीब 73 साल की उम्र में मोदी ने जितनी सभाएं की और जो दूरी तय की, इस मामले में उनके नजदीक भी कोई नेता नहीं टिकता। वह अपनी पार्टी के लिए मतदाताओं को आकर्षित वाला सबसे बड़ा आकर्षण रहे। इस दौरान दिए गए भाषणों के लिए आलोचकों ने उनकी आलोचना भी की तो भाजपा के उत्साही समर्थकों का जोश भी बढ़ा।

शुरू हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान

प्रधानमंत्री ने इस दौरान कुल 80 मीडिया साक्षात्कार भी दिए। मतदान शुरू होने के बाद से औसतन उन्होंने प्रतिदिन एक से अधिक साक्षात्कार दिए हैं। PM मोदी ने बृहस्पतिवार की शाम प्रसिद्ध विवेकानंद रॉक मेमोरियल में 45 घंटे तक चलने वाली अपनी ध्यान साधना शुरू की। प्रधानमंत्री की ध्यान साधना एक जून तक चलेगी। सूत्रों के मुताबिक पीएम इस दौरान इन 45 घंटों तक उनका आहार केवल नारियल पानी, नींबू रस और अन्य तरल पदार्थ होगा।

(इनपुट- भाषा)

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

और पढ़ें
End of Article