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Polymarket: फलोदी छोड़िए, अमेरिका का पॉलीमार्केट भी बंगाल में करा रहा 'खेला', क्या एकतरफा हो जाएगा परिणाम?

अमेरिका के ऑनलाइन प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट (Polymarket) में बीजेपी को बंगाल चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) में बढ़त दिख रही है। टीएमसी सत्ता से बाहर हो सकती है।

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अमेरिका के पॉलीमार्केट में बंगाल कौन जीत रहा है (AI Photo)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2026) पर अभी तक देश ही नजर टिकी थी, राष्ट्रीय स्तर पर ही चर्चा हो रही थी, देश के सट्टा बाजारों फलोदी, दिल्ली, मंबई में बोली लग रही है, अब विदेश में भी इसका असर देखने को मिल रहा है, अमेरिका के सट्टा बाजार में भी इसपर बोली लग रही है। अमेरिकी पॉलीमार्केट (Polymarket) में बंगाल चुनाव पर जमकर सट्टा लग रहा है। हार-जीत पर बोली लग रही है। कांग्रेस-वाम दल पर सट्टा लगाने वालों को तो कम पैसे में ही लखपति बना दे रही है।

पॉलीमार्केट में बंगाल में कौन जीत रहा है?

अमेरिका के ऑनलाइन प्रेडिक्शन प्लेटफॉर्म पॉलीमार्केट पर बंगाल चुनाव को लेकर जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। इस चुनाव के नतीजों पर करीब 4.8 मिलियन डॉलर का दांव लगाया जा चुका है। मौजूदा संकेत बताते हैं कि भाजपा को बढ़त के साथ लगभग 56% समर्थन मिल रहा है, जबकि टीएमसी करीब 43% पर बनी हुई है। वहीं अन्य दल- जैसे वाम दल गठबंधन और कांग्रेस-मार्केट में बेहद सीमित हिस्सेदारी के साथ 1% से भी नीचे ट्रेड हो रहे हैं। सीपीआई और कांग्रेस जैसी पार्टियों पर दांव लगाने वालों के लिए बड़ा जोखिम जरूर है, लेकिन रिटर्न भी उतना ही बड़ा नजर आ रहा है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अगर कोई अभी इन पार्टियों की जीत पर सिर्फ 1 डॉलर लगाता है और नतीजे चौंकाने वाले आते हैं, तो उसे करीब 960 डॉलर तक की कमाई हो सकती है।

ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी आगे

अगर लेन-देन की मात्रा पर नजर डालें तो तस्वीर थोड़ी अलग दिखती है। कुल ट्रेडिंग वॉल्यूम में टीएमसी आगे है, जहां करीब 1.8 मिलियन डॉलर का निवेश हुआ है, जबकि भाजपा के हिस्से में लगभग 1.1 मिलियन डॉलर का ट्रेड आता है। दांव की कीमतों में भी अंतर है- भाजपा की जीत पर एक शेयर का भाव करीब 57 सेंट के आसपास है, जबकि टीएमसी के लिए यह करीब 44 सेंट पर बना हुआ है।

पहले चरण के मतदान के बाद बदला समीकरण

अप्रैल की शुरुआत में हालात बिल्कुल उलट थे, जब टीएमसी को 75–80% तक बढ़त के साथ पसंदीदा माना जा रहा था और भाजपा 20–25% पर सिमटी हुई थी। लेकिन पहले चरण के मतदान के बाद समीकरण तेजी से बदले और भाजपा ने बढ़त बनाते हुए 50% से ऊपर का स्तर छू लिया। इसके बाद 26 और 27 अप्रैल के बीच एक दिलचस्प मोड़ आया, जब एक ही दिन में 6 लाख डॉलर से ज्यादा की रकम टीएमसी की ओर शिफ्ट हुई। इससे संकेत मिला कि कुछ निवेशकों को लगा कि भाजपा की संभावनाएं ज्यादा आंकी जा रही हैं। हालांकि दूसरे चरण के बाद रुझान फिर बदले और भाजपा दोबारा आगे निकलती दिखी।

दिलचस्प बात यह है कि पूरे समय टीएमसी में निवेश की मात्रा ज्यादा रहने के बावजूद मार्केट अनुमान भाजपा के पक्ष में झुका हुआ है। इसे दो तरह से समझा जा रहा है- या तो बड़ी संख्या में लोग टीएमसी के खिलाफ दांव लगा रहे हैं, या फिर कुछ बड़े निवेशकों ने भाजपा की जीत पर भारी रकम लगाई है।

फलोदी सट्टा बाजार में कौन आगे?

फलोदी सट्टा बाजार के ताजा संकेत पश्चिम बंगाल की सियासत में कड़ा मुकाबला दिखा रहे हैं और ममता बनर्जी को झटका लगता दिख रहा है। राज्य की 294 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 148 का आंकड़ा जरूरी है। सट्टा बाजार के अनुमान के मुताबिक भाजपा 146 से 149 सीटों के बीच रह सकती है, जबकि तृणमूल कांग्रेस 140 से 143 सीटों तक सिमटती दिख रही है। कांग्रेस, सीपीएम और आईएसएफ जैसे अन्य दल सिंगल डिजिट में ही सीमित रहने के संकेत दे रहे हैं। सट्टा बाजार में भरोसा ममता बनर्जी की बजाय सुवेंदु अधिकारी के पक्ष में ज्यादा दिखाई दे रहा है, जिससे सत्ता परिवर्तन की संभावनाओं पर चर्चा तेज हो गई है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमार author

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय ... और देखें

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