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West Bengal Election: 'बंगाल में कोई माई का लाल बाबरी मस्जिद नहीं बना सकता...' मालदा में गरजे अमित शाह

हुमायूं कबीर ने मालदा से सटे मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में बाबरी मस्जिद से मिलती-जुलती मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद उन्हें पिछले साल दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था।

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अमित शाह (फाइल फोटो)

Photo : ANI

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद कोई माई का लाल राज्य में बाबरी मस्जिद से मिलती-जुलती मस्जिद का निर्माण नहीं करा पाएगा।शाह ने विधानसभा चुनाव में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस, दोनों को चुनौती दे रहे आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का "एजेंट" तक करार दिया।

कबीर ने मालदा से सटे मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा इलाके में बाबरी मस्जिद से मिलती-जुलती मस्जिद के निर्माण का प्रस्ताव रखा था, जिसके बाद उन्हें पिछले साल दिसंबर में तृणमूल कांग्रेस से निलंबित कर दिया गया था।शाह ने आरोप लगाया कि कबीर अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण के लिए तृणमूल सुप्रीमो के "इशारे पर काम कर रहे हैं।"उन्होंने मालदा के गाजोल में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "ममता दीदी और हुमायूं कबीर मेरी बात ध्यान से सुनें! यह भारत है और कोई भी माई का लाल यहां बाबरी मस्जिद नहीं बना सकता!"

"भाजपा (बाबरी जैसी) मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी"

इससे पहले, शाह ने मालदा के मानिकचक इलाके में आयोजित चुनावी रैली में कहा, "हुमायूं कबीर को मेरी बात कान खोलकर सुननी चाहिए कि भाजपा (बाबरी जैसी) मस्जिद का निर्माण नहीं होने देगी। ममता बनर्जी और उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) को भी पता हो जाना चाहिए कि उस मस्जिद को बनाने का उनका सपना पांच मई को चकनाचूर हो जाएगा।"पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मतदान दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती चार मई को की जाएगी।

"ममता और कबीर "एक ही थाली के चट्टे-बट्टे"

कबीर ने पिछले साल छह दिसंबर को अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 33वीं बरसी पर बेलडांगा में बाबरी जैसी मस्जिद की नींव रखी थी। इस परियोजना ने पूरे राज्य में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था। यह मस्जिद लगभग आठ एकड़ निजी भूमि पर बनाई जा रही है और परियोजना की अनुमानित लागत 86 करोड़ रुपये है।सोमवार को बीरभूम और पश्चिम बर्धमान जिलों में कई जनसभाओं को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया था कि ममता और कबीर "एक ही थाली के चट्टे-बट्टे" हैं।

पश्चिम बर्धमान जिले के कोयला खदान क्षेत्र रानीगंज में आयोजित एक चुनावी रैली में शाह ने ममता पर अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का विरोध करने का आरोप लगाया था। उन्होंने तृणमूल सुप्रीमो के इस कदम और मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने के कबीर के प्रस्ताव के बीच समानता दर्शाने की कोशिश की थी।शाह ने कहा था, "कांग्रेस, ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), समाजवादी पार्टी (सपा) तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) जैसी अन्य पार्टियों ने रामलला को 550 वर्षों तक तंबू में रखने का समर्थन किया था।"

"हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते हैं"

उन्होंने कहा था, "2019 में भारी जनादेश मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कराया, जिसका ममता जैसे नेताओं ने विरोध किया। अब ममता की तरह की सोच रखने वाले हुमायूं कबीर बंगाल में बाबरी मस्जिद बनवाना चाहते हैं।"गृह मंत्री की टिप्पणियों को उस वीडियो को लेकर तृणमूल कांग्रेस के हमलों को कुंद करने के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें कबीर को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया था कि वह ममता को सत्ता से बेदखल करने और अल्पसंख्यक मतों के विभाजन के लिए हुए 1,000 करोड़ रुपये के समझौते के तहत 200 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि हासिल करने के लिए भाजपा नेताओं के संपर्क में हैं।

"भाजपा कबीर के साथ गठबंधन करने के बजाय "20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी"

ममता ने वीडियो में की गई कथित टिप्पणियों के आधार पर रविवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस को हराने के लिए हुमायूं के साथ "1,000 करोड़ रुपये का सौदा" किया है। शाह ने ममता के आरोपों का जोरदार खंडन करते हुए कहा था कि भाजपा कबीर के साथ गठबंधन करने के बजाय "20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।" उन्होंने कहा था कि दोनों पक्ष वैचारिक रूप से "उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव की तरह ही एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत" हैं।

Ravi Vaish
रवि वैश्य author

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों... और देखें

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