MP Election: मध्य प्रदेश में चुनावी लड़ाई में दोस्ती, रिश्तेदारी सब दांव पर लगी है। कहीं चाचा-भतीजे के बीच चुनवी लड़ाई है, तो कहीं समधी-समधन के बीच। ऐसे उम्मीदवार दोनों पार्टियों में हैं। चाहे कांग्रेस हो या बीजेपी, ऐसी लड़ाई कई जगह देखने को मिल रही है।
सागर की लड़ाई
राज्य में वर्तमान में जो स्थिति उभर रही है, उसमें सागर में सबसे रोचक मुकाबला नजर आ रहा है क्योंकि यहां पर भाजपा ने शैलेंद्र जैन तो वहीं कांग्रेस ने निधि सुनील जैन को मैदान में उतारा है। दोनों के रिश्ते को देखें तो शैलेंद्र जेठ हैं तो वहीं निधि उनके छोटे भाई की पत्नी हैं। कुल मिलाकर यहां मुकाबला जेठ और बहू के बीच है।
देवतालाब सीट का हाल
इसी तरह देवतालाब में भी रोचक मुकाबला है। जहां विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को भाजपा ने अपना उम्मीदवार बनाया है। उनके मुकाबले में भतीजे पद्मेश गौतम पर कांग्रेस ने दावा लगाया है।
समधी-समधन की लड़ाई
नाते रिश्तेदारों के बीच मुकाबला पर गौर करें तो डबरा में समधी और समधन के बीच मुकाबला है। यहां भाजपा ने जहां पूर्व मंत्री इमरती देवी को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस से विधायक सुरेश राजे चुनाव लड़ रहे हैं। यहां से वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में भी यही मुकाबला था और कांग्रेस के सुरेश राजे जीत हासिल करने में सफल हुए थे।
17 नवंबर को वोटिंग
राज्य के विधानसभा चुनाव के लिए अभी सभी उम्मीदवार घोषित होने के बाद और भी कई रोचक मुकाबले नजर आने वाले हैं क्योंकि भाजपा की ओर से अभी 94 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान शेष रह गया है। राज्य की 230 विधानसभा सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान होने वाला है। कांग्रेस तो 229 स्थान के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। वहीं, भाजपा अब तक 136 विधानसभा क्षेत्र के लिए ही उम्मीदवार तय कर पाई है।
