पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपने ही एक विधायक का बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ममता बनर्जी ने टीएमसी विधायक उषा रानी पर बीजेपी को सपोर्ट करने का इल्जाम लगाया है। ममता बनर्जी ने कहा कि उषा रानी विधायक तो बनीं रहेंगीं, लेकिन पार्टी के किसी मीटिंग में शामिल नहीं हो सकती हैं। उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी।
भाजपा के साथ गुप्त समझौता करने का आरोप
ममता बनर्जी ने शनिवार को अपनी ही पार्टी की विधायक उषा रानी मंडल पर भाजपा के साथ गुप्त समझौता करने का आरोप लगाया। उषा रानी उत्तर 24 परगना जिले के मिनाखान विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल कांग्रेस की विधायक हैं जो बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। ममता ने कहा- “वह (उषा रानी मंडल) तृणमूल विधायक बनी रहेंगी। फिर भी वह पार्टी की किसी भी बैठक में शामिल नहीं होंगी। मैं उषा रानी को तब तक स्वीकार नहीं करूंगी, जब तक वह माफी नहीं मांगतीं। मेरा उनसे कोई संबंध नहीं है। मैं उनके जैसे लोगों को अपनी पार्टी में नहीं चाहता।"
ममता बनर्जी ने विधायक पति को भी घेरा
मुख्यमंत्री ने शनिवार को मिनाखान में बशीरहाट से पार्टी उम्मीदवार हाजी नुरुल इस्लाम के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि उषा रानी और उनके पति पार्टी को बेचने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे वो कभी स्वीकार नहीं करूंगी।
ममता बनर्जी पर भाजपा का आरोप
ममता ने भाजपा पर उनकी पार्टी के नेताओं को खरीदने के लिए लाखों रुपये खर्च करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा- "हर दिन लाखों की नकदी जब्त की जा रही है। वे नकदी बांटकर वोट खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। वे सोचते हैं कि वे नकदी से हर किसी को खरीद सकते हैं।"
